हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ी, 50 हजार कर्मचारी शामिल
चंडीगढ़: हरियाणा में तीन दिन से हड़ताल पर चल रहे नगर पालिकाओं और दमकल कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को 11 अगस्त तक बढ़ा दिया है। मांगों पर अड़े नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की मंगलवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को भी समर्थन दिया है। साथ ही इन कर्मचारी संगठनों ने 10 अगस्त को ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों के जेल भरो आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि नगर पालिकाओं और दमकल विभाग के करीब 50 हजार कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से प्रदेशभर की नगरपालिका सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सड़कों पर 6000 टन कचरा जमा, संक्रमण का खतरा बढ़ा
तीन दिन से चल रही हड़ताल के कारण करीब छह हजार टन कचरा सड़कों पर इधर-उधर पड़ा है, जिससे उठती दुर्गंध के चलते संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। शहरों और कस्बों की सड़कों, गलियों और बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर होती जा रही है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार पर समझौते से मुकरने का आरोप
नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी, चाहे कुछ भी हो जाए। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार बार-बार आश्वासन देकर भी अपने वादों से मुकर जाती है, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
13 मई के समझौते में शामिल थीं ये प्रमुख मांगें
13 मई को हुई वार्ता में 22 मांगों में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कच्चे एवं अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करना
- नगरपालिका रोल के दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करना
- अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेना
- सफाई एवं सीवर व्यवस्था में ठेका प्रथा समाप्त करना
- कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ESI एवं EPF का लाभ देना
- वर्दी भत्ता एवं जोखिम भत्ता प्रदान करना
कर्मचारी संघ का कहना है कि सरकार ने इन मांगों पर सहमति जताने के बावजूद अब तक इन्हें लागू नहीं किया है, जिसके चलते कर्मचारियों में भारी रोष है।
आमजन परेशान, प्रशासन पर दबाव बढ़ा
हड़ताल लंबी खिंचने से आम जनता को साफ-सफाई से लेकर आपातकालीन दमकल सेवाओं तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते कचरे और उससे उठ रही दुर्गंध को लेकर स्थानीय निवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन पर हड़ताल जल्द खत्म कराने और वैकल्पिक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का दबाव भी बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत का कोई नया रास्ता निकलता है या नहीं।


