Chess Plus Initiative की शुरुआत देश की स्कूली शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने की है। इस पहल के तहत पहले चरण में देशभर के हरियाणा के साथ 30 जवाहर नवोदय विद्यालयों में शतरंज शिक्षा को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि Chess Plus Initiative छात्रों की तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और रणनीतिक सोच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) के सहयोग से शुरू हुई यह योजना भविष्य में देशभर के सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी में है।
Chess Plus Initiative: 30 नवोदय विद्यालयों से हुई शुरुआत
Chess Plus Initiative का शुभारंभ कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया। शुरुआती चरण में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसमें हरियाणा के 13, उत्तर प्रदेश के 15 और दिल्ली के दो जवाहर नवोदय विद्यालय शामिल किए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल शतरंज सिखाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। सरकार का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर Chess Plus Initiative को चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय विद्यालयों और अन्य सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी लागू किया जाएगा।
Chess Plus Initiative से बढ़ेगी रणनीतिक सोच
विशेषज्ञों का मानना है कि शतरंज केवल एक खेल नहीं बल्कि मस्तिष्क को सक्रिय रखने का प्रभावी माध्यम है। Chess Plus Initiative के जरिए विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता, धैर्य, एकाग्रता और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होंगे।
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ द्वारा तैयार किए गए विशेष पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षित कोच और शिक्षक-मेंटर नियमित रूप से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे। इससे बच्चों को शुरुआती स्तर से ही पेशेवर तरीके से शतरंज सीखने का अवसर मिलेगा।
Chess Plus Initiative: देशभर में विस्तार की तैयारी
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार Chess Plus Initiative केवल एक पायलट कार्यक्रम नहीं बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय योजना का हिस्सा है। यदि शुरुआती चरण के परिणाम सकारात्मक रहे तो इसे देशभर के केंद्रीय विद्यालयों और सरकारी स्कूलों तक विस्तारित किया जाएगा।
वीडियो संदेश के माध्यम से जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय अभियान का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि शतरंज जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए बेहतर तरीके से तैयार करती हैं और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
Chess Plus Initiative से नई प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष नितिन नारंग ने कहा कि Chess Plus Initiative जमीनी स्तर पर नई प्रतिभाओं की पहचान करने का मजबूत माध्यम बनेगा। लंबे समय से ऐसे कार्यक्रम की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भारत में भविष्य के अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार होने की उम्मीद है।
Chess Plus Initiative: शिक्षा और खेल का बेहतरीन समन्वय
विशेषज्ञों का कहना है कि इस शिक्षा और खेल के संतुलित विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। नई शिक्षा नीति भी विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर देती है और यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार को उम्मीद है कि Chess Plus Initiative के माध्यम से छात्रों की बौद्धिक क्षमता, रचनात्मक सोच और निर्णय लेने की योग्यता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में देश के लाखों विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे और भारत विश्व स्तर पर शतरंज प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनकर उभर सकता है।
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