Hydrogen Train के क्षेत्र में भारत ने एक नई उपलब्धि हासिल कर ली है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली Hydrogen Train को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद जंक्शन से सोनीपत जंक्शन के बीच चलेगी और पर्यावरण के अनुकूल रेल परिवहन को बढ़ावा देगी। इस शुरुआत के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेनें चल रही हैं।
रेलवे के अनुसार यह परियोजना हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और भविष्य के स्वच्छ परिवहन तंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इस तकनीक का विस्तार अन्य रेल मार्गों पर भी किया जा सकता है।
Hydrogen Train का रहेगा 14 स्टेशनों पर ठहराव
नई Hydrogen Train जींद और सोनीपत के बीच लगभग दो घंटे से अधिक का सफर तय करेगी। यात्रा के दौरान यह जींद से सोनीपत तक कुल 14 स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे रास्ते में आने वाले यात्रियों को भी इस नई सेवा का लाभ मिलेगा।
ट्रेन जींद जंक्शन से रवाना होकर जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना, बड़वासनी होते हुए सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में भी यही स्टॉपेज क्रम रहेगा।
Hydrogen Train: किराया आम यात्रियों की पहुंच में
भारतीय रेलवे ने Hydrogen Train का किराया आम यात्रियों को ध्यान में रखते हुए तय किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यात्रा का न्यूनतम किराया 5 रुपये और अधिकतम 25 रुपये रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के यात्रियों को कम लागत में आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की संख्या और संचालन अनुभव के आधार पर सेवाओं में और सुधार किया जाएगा।
सप्ताह में छह दिन चलेगी Hydrogen Train की सेवा
नई Hydrogen Train सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। रेलवे का कहना है कि इस ट्रेन का उद्देश्य केवल तेज यात्रा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना भी है।
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में बेहद कम प्रदूषण फैलाती है। इसके संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है, जिससे हरित परिवहन को मजबूती मिलेगी।
Hydrogen Train भारत के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि?
विशेषज्ञों के अनुसार इस Train का संचालन भारत के रेलवे क्षेत्र में तकनीकी बदलाव का संकेत है। दुनिया के कुछ ही देशों ने हाइड्रोजन ईंधन आधारित रेल तकनीक को अपनाया है और अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है।
यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, कम प्रदूषण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे रेलवे के ऊर्जा स्रोतों में विविधता आएगी और भविष्य में जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
Hydrogen Train भविष्य में दिल्ली तक विस्तार की तैयारी
रेलवे से जुड़े अधिकारियों के अनुसार भविष्य में Hydrogen Train सेवा का विस्तार किया जा सकता है। योजना है कि आगे चलकर इस ट्रेन को जींद से सीधे दिल्ली तक संचालित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाए। यदि यह योजना सफल होती है तो हरियाणा और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।
देश की पहली Hydrogen Train की शुरुआत भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और ग्रीन मोबिलिटी मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि भारत स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगा।
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