Mumbai Monsoon Rain: मुंबई में मानसून ने इस बार अपने आगमन के साथ ही ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कुछ ही घंटों की बारिश (Mumbai Monsoon Rain) और तेज हवाओं ने पूरे शहर की रफ्तार को झकझोर कर रख दिया। रविवार सुबह से दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ गिरा दिए, यातायात प्रभावित किया और दो लोगों की जान भी ले ली। राहत की बात यह रही कि भारी बारिश के बावजूद शहर में बड़े स्तर पर जलभराव की स्थिति नहीं बनी और लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
पांच घंटे की बारिश में कई इलाकों में भारी बरसात
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार रविवार सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच मुंबई शहर में औसतन 22.79 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी उपनगरों में 38.69 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 36.99 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। कम समय में हुई इस तेज बारिश (Mumbai Monsoon Rain) ने कई इलाकों में लोगों की आवाजाही को प्रभावित किया, हालांकि जलभराव की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
77 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
बारिश (Mumbai Monsoon Rain) के साथ चली तेज हवाएं इस पूरे घटनाक्रम का सबसे खतरनाक पहलू साबित हुईं। सी और डी वार्ड में हवा की रफ्तार 72.4 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि घाटकोपर में यह 75 किमी प्रति घंटा और बांद्रा पश्चिम में 77 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज हवाओं के कारण पूरे शहर में 250 से अधिक पेड़ और उनकी शाखाएं गिर गईं, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित रहा।
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पेड़ गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में गई दो लोगों की जान
तेज हवाओं के बीच पेड़ गिरने की दो दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया। पहली घटना कुर्ला के कमानी इलाके में गोम्स टाउन बिल्डिंग के पास हुई, जहां एक दुकान पर पेड़ गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंडावाला गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना आरे कॉलोनी की यूनिट नंबर 13 रोड पर हुई, जहां पेड़ की भारी टहनी टूटकर 18 वर्षीय कुमार हसन रजा जहांगीर आलम सैयद के सिर पर गिर गई। गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी भी जान नहीं बच सकी।
कहीं भूस्खलन तो कहीं ढही खाली इमारत
बारिश और तेज हवाओं (Mumbai Monsoon Rain) का असर केवल पेड़ों तक सीमित नहीं रहा। अन्टॉप हिल के गांधी नगर स्थित क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के सामने एक पेड़ गिरने से पहाड़ी की मिट्टी खिसक गई। वहीं वरली डेयरी के पास खान अब्दुल गफ्फार खान रोड पर एक खाली इमारत भी ढह गई। हालांकि इन दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है।
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15 स्थानों पर शॉर्ट सर्किट, बस रूट बदले
तेज बारिश के दौरान शहर में कुल 15 शॉर्ट सर्किट की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें चार घटनाएं मुंबई शहर, तीन पूर्वी उपनगरों और आठ पश्चिमी उपनगरों में हुईं। इसके अलावा 12 स्थानों पर पेड़ गिरने के कारण BEST बसों के कई मार्गों में अस्थायी बदलाव करना पड़ा। इससे यात्रियों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि वैकल्पिक मार्गों से बस सेवाएं जारी रखी गईं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, मौसम विभाग ने जारी किया संकेत
बीएमसी, आपदा प्रबंधन विभाग, मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें पूरे दिन हालात पर नजर बनाए रहीं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।
अब उठने लगे बड़े सवाल
इस बार की बारिश (Mumbai Monsoon Rain) ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसून से पहले शहर में पेड़ों की छंटाई और उनकी सुरक्षा जांच कितनी प्रभावी रही। 250 से अधिक पेड़ों का गिरना केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन की चुनौती भी माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कमजोर पेड़ों की पहचान और नियमित रखरखाव किया जाए तो ऐसी कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। आने वाले दिनों में यदि बारिश और तेज हवाओं का यही सिलसिला जारी रहा, तो प्रशासन के सामने राहत और सुरक्षा दोनों बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
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