CNG Price Hike: देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी को एक और बड़ा झटका लगा है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब CNG Price Hike ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ा दिए गए हैं. इसका असर सीधे तौर पर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, कैब सर्विस, सार्वजनिक परिवहन और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण ईंधन की लागत लगातार बढ़ रही है. तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आने से घरेलू बाजार में भी दबाव बना है. इसी वजह से अब CNG Price Hike का असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है.
Read More: Amul के बाद Mother Dairy ने भी बढ़ाए दूध के दाम, 14 मई से महंगा होगा हर पैकेट
दिल्ली में बढ़े CNG के दाम
नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले उपभोक्ताओं को कम कीमत पर सीएनजी मिल रही थी, लेकिन लगातार बढ़ती ऊर्जा लागत के चलते गैस वितरण कंपनियों ने कीमतों में संशोधन किया है.
इससे पहले मुंबई में भी सीएनजी के दाम बढ़ाए गए थे. महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG Price Hike लागू करते हुए कीमत 82 रुपये से बढ़ाकर 84 रुपये प्रति किलो कर दी थी. अब दिल्ली में बढ़ोतरी के बाद माना जा रहा है कि अन्य शहरों में भी जल्द नए रेट लागू हो सकते हैं.
आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ
सीएनजी को अब तक पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और किफायती ईंधन माना जाता रहा है. खासतौर पर ऑटो चालकों, टैक्सी ड्राइवरों और छोटे व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए यह राहत का विकल्प था. लेकिन लगातार हो रही CNG Price Hike से अब उनकी लागत तेजी से बढ़ रही है.
Read More: महंगाई रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, सितंबर 2026 तक Sugar Export पूरी तरह बंद
दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में लाखों वाहन सीएनजी पर चलते हैं. ऐसे में किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऑटो और टैक्सी यूनियनें किराया बढ़ाने की मांग तेज कर सकती हैं.
ऑटो-टैक्सी किराए में बढ़ोतरी की तैयारी
मुंबई में सीएनजी महंगी होने के बाद कई ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने प्रशासन से न्यूनतम किराए में कम से कम 1 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है. यूनियन नेताओं का कहना है कि मौजूदा दरों पर वाहन चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है.
अब दिल्ली में भी यही स्थिति बन सकती है. कैब ड्राइवरों और ऑटो चालकों का कहना है कि ईंधन की लागत बढ़ने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है. यदि किराए में संशोधन नहीं किया गया तो रोजमर्रा का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा.
डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
CNG Price Hike का असर केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा. ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी इसका असर देखने को मिल सकता है. बड़ी संख्या में डिलीवरी वाहन और छोटे मालवाहक वाहन सीएनजी से चलते हैं.
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. यानी ईंधन महंगा होने का असर धीरे-धीरे बाजार में महंगाई बढ़ाने के रूप में दिखाई दे सकता है.
क्यों बढ़ रहे हैं CNG के दाम?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है. मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी आयात लागत को बढ़ा रही है.
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है.
सरकार और कंपनियों पर नजर
ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों की नजर सरकार और गैस कंपनियों के अगले कदम पर टिकी है. यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव जारी रहता है तो आने वाले समय में CNG Price Hike का सिलसिला जारी रह सकता है.
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार आम जनता पर बोझ कम करने के लिए टैक्स या अन्य राहत उपायों पर विचार कर सकती है. फिलहाल बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की चिंता जरूर बढ़ा दी है, क्योंकि रसोई से लेकर सफर तक हर खर्च अब महंगा होता दिखाई दे रहा है.
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



