Rajnath Singh Shirdi Defence Hub: साईं बाबा की आस्था और भक्ति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध शिरडी अब देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर भी एक अहम पहचान बनाने जा रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के तहत यहां एक बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन अगले सप्ताह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह परियोजना शिरडी को न सिर्फ आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाए रखेगी, बल्कि इसे आधुनिक रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग (Rajnath Singh Shirdi Defence Hub) के उभरते हब के रूप में भी स्थापित करेगी।
200 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक रक्षा परिसर
अहिल्यानगर जिले में शिरडी के पास 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (DMC) में शुरुआती चरण में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इस परियोजना (Rajnath Singh Shirdi Defence Hub) का उद्देश्य भारत को रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। यहां तोप के गोले, ड्रोन, विस्फोटक सामग्री और एयरोस्पेस से जुड़े अत्याधुनिक उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण रूप से क्रियान्वयन के बाद यह संयंत्र भारत के रक्षा उत्पादन नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस मेगा प्रोजेक्ट (Rajnath Singh Shirdi Defence Hub) से लगभग 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई सेक्टर में भी हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल तकनीकी क्षमता को बढ़ाती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती हैं। शिरडी क्षेत्र के युवाओं को इंजीनियरिंग, तकनीक और रक्षा उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे।
निबे ग्रुप कर रहा परियोजना का संचालन
इस परियोजना को महाराष्ट्र के निबे ग्रुप द्वारा विकसित किया जा रहा है। समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गणेश निबे ने बताया कि यह संयंत्र रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत को नई क्षमता प्रदान करेगा। उन्होंने जानकारी दी कि यहां प्रति वर्ष लगभग 5 लाख तोप के गोले बनाने की क्षमता विकसित की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन और एयरोस्पेस उपकरणों के उत्पादन पर भी विशेष फोकस रहेगा।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
भक्ति और शक्ति का संगम बताए गए शिरडी
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री और स्थानीय विधायक राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने इस परियोजना को शिरडी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि शिरडी अब केवल आध्यात्मिकता का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह ‘भक्ति और शक्ति’ का संगम बनेगा। उन्होंने कहा कि साईं बाबा की नगरी में यह बदलाव क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा और महाराष्ट्र को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 23 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में देशभर से छात्र, इंजीनियर, स्टार्टअप प्रतिनिधि, रक्षा विशेषज्ञ, एमएसएमई उद्यमी और मीडिया कर्मी शामिल होंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देगी। देश को रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन और एयरोस्पेस जैसे आधुनिक रक्षा क्षेत्रों में यह परियोजना भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में एक नई स्थिति दिला सकती है।
स्थानीय विकास और राष्ट्रीय महत्व का मेल
शिरडी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि स्थानीय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का संगम माना जा रहा है। इससे जहां रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा, वहीं भारत की रक्षा क्षमता भी मजबूत होगी। अब शिरडी आने वाले वर्षों में सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की रक्षा शक्ति का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरने की तैयारी में है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



