Dark Eagle Missile: मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की गंध अब और भी गहरी हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शांति प्रस्ताव महज 24 घंटे के भीतर ही ध्वस्त हो गया, जब ईरान ने ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) को ‘रद्दी का टुकड़ा’ बताकर जला दिया। इस अपमान से बौखलाए अमेरिका ने अपनी साख और साख बचाने के लिए ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका ने इन्हें केवल जवाबी कार्रवाई के तौर पर नहीं, बल्कि अपने भविष्य के ‘सुपर वेपन्स’ की टेस्टिंग ग्राउंड के रूप में भी इस्तेमाल किया है। (Dark Eagle Missile)
ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ से लेकर ‘केश्म द्वीप’ तक, अमेरिकी मिसाइलों ने तबाही मचा दी है। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है क्योंकि अमेरिका ने पहली बार युद्ध के मैदान में अपने सबसे आधुनिक AI संचालित ‘LUCAS’ ड्रोन और ‘डार्क ईगल’ हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण किया है। दावा किया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने यह कदम अरब देशों के बढ़ते दबाव और ईरान द्वारा फुजैरा पोर्ट पर किए गए कथित हमलों के जवाब में उठाया है। अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक भीषण युद्ध का अखाड़ा बन चुका है। (Dark Eagle Missile)
बंदर अब्बास और केश्म द्वीप पर भारी तबाही
ईरान द्वारा शांति वार्ता ठुकराए जाने के चंद घंटों के भीतर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के नेवल कमांड को निशाना बनाया। 2700 वर्ग किमी में फैला ‘बंदर अब्बास’ पोर्ट इस हमले का मुख्य केंद्र रहा, जहाँ तीन टर्मिनल पूरी तरह खाक हो गए। इसके साथ ही केश्म द्वीप पर स्थित मिसाइल साइलो और स्पीड बोट के ठिकानों को भी नष्ट कर दिया गया। मिनाब शहर में किए गए हमलों में ईरान का रडार सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जिससे उनकी डिफेंस लाइन कमजोर पड़ गई है। (Dark Eagle Missile)
read also: किम जोंग उन की हत्या का मतलब ‘परमाणु युद्ध’, उत्तर कोरिया ने बदला अपना संविधान
अमेरिका के नए ‘ब्रह्मास्त्र’
पेंटागन ने इस ऑपरेशन के दौरान दो गुप्त हथियारों का सफल परीक्षण किया-
- LUCAS स्ट्राइक ड्रोन: यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस है और स्टेल्थ तकनीक के कारण रडार की पकड़ में नहीं आता। 950 किमी/घंटा की रफ्तार से यह स्वॉर्म अटैक (झुंड में हमला) करने में सक्षम है।
- डार्क ईगल (Dark Eagle): यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जिसकी गति 6200 किमी/घंटा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत बीच रास्ते में दिशा बदलना है, जिससे इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन हो जाता है। (Dark Eagle Missile)
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
अरब देशों का दबाव और इजराइल का साथ
खबरों के अनुसार, ट्रंप पहले हमले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन सऊदी अरब और UAE जैसे सहयोगी देशों के दबाव ने उन्हें मजबूर कर दिया। इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना को इजराइल के मोसाद से सटीक इंटेलिजेंस इनपुट मिले और इजराइली डिफेंस सिस्टम ने सुरक्षा कवच प्रदान किया। खाड़ी देशों ने पहले अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र देने से मना किया था, लेकिन साख पर संकट आते ही ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को बहाल करने के लिए हमले का आदेश दे दिया।(Dark Eagle Missile)
ईरान की जवाबी कार्रवाई और भविष्य की रणनीति
ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह झुकने वाला नहीं है। तेहरान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार है। अमेरिका की नई रणनीति अब ईरान को दो मोर्चों पर उलझाने की है एक तरफ होर्मुज में घातक हथियारों से हमला और दूसरी तरफ हवाई हमलों का जिम्मा इजराइल को सौंपना। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप बार-बार वार्ता का नाटक इसलिए कर रहे हैं ताकि उन्हें हथियारों की अधिक तैनाती के लिए समय मिल सके, लेकिन ईरान ने इस पैटर्न को भांपकर बाजी पलट दी है।(Dark Eagle Missile)
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



