Iran-US War: भारत में डिजिटल क्रांति के बीच अब दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना (Census 2026) का शंखनाद हो गया है। जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, इस महा-अभियान का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है। इस चरण में मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार करने और घरों की गिनती (House Listing) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार ने इस बार प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है, जिससे आम नागरिक घर बैठे भी अपनी जानकारी साझा कर सकेंगे।
विशेष रूप से बिहार के निवासियों के लिए समय सारणी स्पष्ट कर दी गई है। बिहार में जनगणना अधिकारी 2 मई से 31 मई 2026 के बीच घर-घर जाकर दस्तक देंगे। इस दौरान प्रत्येक परिवार से 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे। डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 17 अप्रैल से 1 मई के बीच ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी खुला रहेगा, जहां लोग ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी सहित कुल 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। (Iran-US War)
इन 33 सवालों के देने होंगे जवाब
जनगणना के पहले चरण में आपके रहन-सहन और घर की स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। मुख्य सवालों की सूची नीचे दी गई है:
घर की स्थिति: मकान नंबर, फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री, कमरों की संख्या और घर का मालिकाना हक।
बुनियादी सुविधाएं: पेयजल का स्रोत और उपलब्धता, बिजली का मुख्य स्रोत, शौचालय का प्रकार और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
घरेलू संपत्ति: रेडियो, टीवी, लैपटॉप/कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, साइकिल, स्कूटर, कार और मोबाइल नंबर।
परिवार का विवरण: मुखिया का नाम और लिंग, सदस्यों की कुल संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या और रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन।
जाति विवरण: इस बार जाति (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी) से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। (Iran-US War)
गोपनीयता की गारंटी: डेटा शेयरिंग पर पाबंदी
नागरिकों के मन में डेटा सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों पर विराम लगाते हुए जनगणना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। उन्होंने कहा,’जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय माना जाता है। इसे सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्रकट नहीं किया जा सकता, न ही किसी अदालत में साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकता है या किसी अन्य संगठन के साथ साझा किया जा सकता है।’ (Iran-US War)

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स्व-गणना (Self-Enumeration) का सुनहरा मौका
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने नागरिकों को खुद अपनी जानकारी भरने की छूट दी है। 17 अप्रैल से 1 मई तक ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय रहेगा। यदि आप इस अवधि में अपनी डिटेल ऑनलाइन भर देते हैं, तो फील्ड अधिकारियों का काम आसान हो जाएगा और आपके समय की भी बचत होगी। पोर्टल पर 16 भाषाओं का विकल्प इसे समावेशी बनाता है। (Iran-US War)
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दूसरे चरण में क्या होगा?
मकानों की गिनती पूरी होने के बाद जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें मुख्य रूप से ‘जनसंख्या गणना’ की जाएगी। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, व्यवसाय, साक्षरता दर और माइग्रेशन जैसे व्यक्तिगत स्तर के डेटा को एकत्रित किया जाएगा। यह डेटा देश की आगामी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। (Iran-US War)



