US-Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट की इस भीषण जंग से अब एक सम्मानजनक ‘एग्जिट’ की तलाश में हैं। हफ्तों तक चले हमलों और सैन्य तनाव के बाद, ट्रंप प्रशासन ने अपनी साख बचाने के लिए ईरान के सामने 15 शर्तों वाला एक व्यापक शांति प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने और इजरायल को आधिकारिक मान्यता देने जैसी कड़ी शर्तें शामिल हैं। हालांकि, इस बार अमेरिका केवल दबाव नहीं बना रहा, बल्कि ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए ट्रंप ने 3 बड़े ‘तोहफे’ भी ऑफर किए हैं, जो ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं।
इस पूरे शांति अभियान के पीछे पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका भी ‘फुलऑन ड्रामे’ की तरह उभर कर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक मध्यस्थ (मैसेंजर) की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि वे खाली हाथ इस युद्ध से बाहर न निकलें, इसलिए परमाणु केंद्रों की तबाही और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ‘फ्री जोन’ घोषित करने जैसे दांव खेले जा रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इन ‘लालच’ भरी शर्तों के आगे झुकेगा या अपने मिसाइल प्रोग्राम की ढाल को और मजबूत करेगा। (US-Iran Peace Deal)
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ट्रंप की 15 शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने जो 15 शर्तें रखी हैं, वे तेहरान की सैन्य और परमाणु शक्ति की कमर तोड़ने वाली हैं। मुख्य शर्तों में शामिल हैं:
परमाणु कार्यक्रम पर ताला: ईरान को अपना यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह रोकना होगा।
हथियारों का सरेंडर: सारा ‘हाईली एनरिच्ड यूरेनियम’ अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा।
अड्डों की तबाही: नतांज, इस्फहान और फोर्डो जैसे रणनीतिक परमाणु केंद्रों को खत्म करना होगा।
इजरायल को मान्यता: ईरान को इजरायल के अस्तित्व को स्वीकार करना होगा।
प्रॉक्सी संगठनों से दूरी: हमास, हिज्बुल्लाह और हूतियों को मिलने वाला पैसा और हथियार तुरंत बंद करना होगा।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज: तेल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए इस रास्ते को ‘फ्री जोन’ घोषित करना होगा। (US-Iran Peace Deal)
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प्रतिबंधों से आजादी का लालच
ईरान इन कड़ी शर्तों को मान ले, इसके लिए ट्रंप ने तीन बड़े प्रलोभन (तोहफे) भी दिए हैं:
आर्थिक आजादी: ईरान पर लगे दशकों पुराने सारे कड़े आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटा लिए जाएंगे।
सिविल न्यूक्लियर सपोर्ट: बिजली बनाने जैसे नागरिक परमाणु प्रोजेक्ट्स के लिए अमेरिका तकनीकी सहयोग देगा।
स्नैपबैक का अंत: दोबारा प्रतिबंध लगाने वाले सख्त नियम ‘स्नैपबैक’ मैकेनिज्म को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा। (US-Iran Peace Deal)

5 बड़ी शर्तें और हर्जाने की मांग
ईरान ने ट्रंप के 5 दिन के सीजफायर ऑफर को तो ठुकरा दिया है, लेकिन वह बातचीत से पीछे नहीं हटा है। ईरान ने अपनी 5 शर्तें मेज पर रखी हैं:
लिखित गारंटी: युद्ध रोकने का कमिटमेंट लिखित में हो और भविष्य में हमले न करने की पक्की गारंटी मिले।
युद्ध का हर्जाना: युद्ध में हुए भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई अमेरिका को करनी होगी।
हॉर्मुज पर कंट्रोल: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बरकरार रहेगा।
मिसाइल प्रोग्राम: ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर किसी भी तरह की कोई पाबंदी स्वीकार नहीं होगी। (US-Iran Peace Deal)
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पाकिस्तान और तुर्की का ‘पीस टॉक’ ड्रामा
इस भू-राजनीतिक बिसात पर पाकिस्तान और तुर्की अहम मोड़ पर खड़े हैं। पाकिस्तान ने सीधी या गुप्त बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है। आर्मी चीफ असीम मुनीर का वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेश पहुंचाना, पाकिस्तान के लिए अपनी गिरती इकोनॉमी और कूटनीतिक साख को बचाने का एक सुनहरा मौका माना जा रहा है। वहीं तुर्की भी इस क्षेत्र में अपनी चौधराहट साबित करने के लिए शांति प्रयासों में सक्रिय है। (US-Iran Peace Deal)



