CBSE Exam QR Code: CBSE क्लास 12 बोर्ड एग्जाम के दौरान एक ऐसी घटना सामने आई है जिससे स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स में हलचल मच गई है। एग्जाम के क्वेश्चन पेपर पर छपे QR कोड को स्कैन करने पर एक YouTube चैनल पर पहुंच गए। जैसे ही यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, स्टूडेंट्स डरने लगे।
कई स्टूडेंट्स को डर लगने लगा कि उन्होंने कोई फेक या लीक पेपर सॉल्व कर लिया है। कुछ पेरेंट्स ने भी इस मामले को सीरियस माना और जांच की मांग की। हालांकि, बाद में CBSE ने इस मामले पर एक क्लैरिफिकेशन जारी करते हुए स्थिति साफ कर दी।
CBSE Exam QR Code: क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जब कुछ एग्जाम सेंटर्स पर स्टूडेंट्स ने अपने मोबाइल फोन से क्वेश्चन पेपर पर लगे QR कोड को स्कैन किया, तो उन्हें सीधे एक YouTube चैनल पर रीडायरेक्ट कर दिया गया। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।
कई स्टूडेंट्स ने स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिससे पता चला कि CBSE Exam QR Code स्कैन करने पर, पढ़ाई से जुड़ा एक YouTube चैनल खुल गया। इससे स्टूडेंट्स को हैरानी हुई कि क्या क्वेश्चन पेपर किसी कोचिंग चैनल से जुड़ा है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर तुरंत बहस छेड़ दी, जिसमें कई लोगों ने बोर्ड एग्जाम की सिक्योरिटी पर सवाल उठाए।
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CBSE Exam QR Code: स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की बढ़ी चिंता
इस घटना से कई स्टूडेंट्स डर गए। उन्हें हैरानी हुई कि क्या QR कोड किसी YouTube चैनल से जुड़ा है, जिससे पता चला कि यह असली क्वेश्चन पेपर नहीं हो सकता है।
कुछ पेरेंट्स ने यह भी चिंता जताई कि बोर्ड एग्जाम जैसे सेंसिटिव सिस्टम में ऐसी गलती कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे एग्जाम की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठ सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई यूज़र्स ने इस घटना को शेयर करते हुए लिखा कि CBSE Exam QR Code को स्कैन करने और पढ़ाई से जुड़ा चैनल खोलने से कोई बड़ी गलती हो सकती है।
CBSE Exam QR Code: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई घटना
जैसे ही स्टूडेंट्स ने QR कोड स्कैन करने के बाद YouTube चैनल खुलने की खबर शेयर की, यह घटना तेजी से वायरल हो गई। कई वीडियो और पोस्ट सामने आए, जिसमें दिखाया गया कि पेपर पर छपे कोड को स्कैन करने पर सीधे YouTube पेज खुल गया।
कुछ लोगों ने पेपर लीक पर भी सवाल उठाए, जबकि कई एजुकेशन एक्सपर्ट्स ने कहा कि उन्हें पहले ऑफिशियल बयान का इंतजार करना चाहिए। इस बीच, कई स्टूडेंट्स ने बोर्ड से साफ जवाब मांगना शुरू कर दिया कि यह कोई टेक्निकल गड़बड़ी थी या कुछ और।
CBSE Exam QR Code: CBSE ने जारी की ऑफिशियल सफाई
मामला बढ़ने के बाद, CBSE ने तुरंत जवाब दिया और स्थिति साफ की। बोर्ड ने कहा कि क्वेश्चन पेपर पर QR कोड का इस्तेमाल पेपर के असली होने को वेरिफाई करने के लिए किया जाता है।
बोर्ड के मुताबिक, कुछ मामलों में, टेक्निकल वजहों से, CBSE Exam QR Code को स्कैन करने पर दूसरे लिंक खुल सकते हैं। इसका एग्जाम की कॉन्फिडेंशियलिटी या क्वेश्चन पेपर की वैलिडिटी पर कोई असर नहीं पड़ता है। CBSE ने यह भी कहा कि सभी क्वेश्चन पेपर पूरी तरह से सिक्योर हैं और स्टूडेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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CBSE Exam QR Code: क्या है QR कोड का असली मकसद?
असल में, पिछले कुछ सालों से CBSE अपने क्वेश्चन पेपर में QR कोड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। इसका मकसद पेपर ट्रैकिंग और सिक्योरिटी को बढ़ाना है।
यह कोड यह पक्का करता है कि क्वेश्चन पेपर सही चैनल से एग्जाम सेंटर तक पहुंचें। इससे किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी को पहचानना भी आसान हो जाता है।
हालांकि, टेक्निकल गड़बड़ियों या गलत स्कैनिंग ऐप्स की वजह से, CBSE Exam QR Code कभी-कभी किसी दूसरे लिंक पर रीडायरेक्ट हो सकता है।
स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड की सलाह
CBSE ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने एग्जाम पर फोकस रखें। बोर्ड ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही कई जानकारी अधूरी या गुमराह करने वाली हो सकती है।
बोर्ड अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर किसी स्टूडेंट को एग्जाम से जुड़ी कोई भी अजीब बात दिखे, तो वे तुरंत एग्जाम सेंटर के अधिकारियों को बता सकते हैं।
CBSE Exam QR Code: एक्सपर्ट्स क्या सोचते हैं?
एजुकेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि एग्जामिनेशन सिस्टम को सिक्योर बनाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन टेक्निकल सावधानियां भी जरूरी हैं।
उनका मानना है कि अगर QR कोड स्कैन करने पर कोई एक्सटर्नल लिंक पर रीडायरेक्ट होता है, तो बोर्ड को टेक्निकल कमी की जांच करके उसे ठीक करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।
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