Mahtari Vandan Yojana: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की. मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बस्तर से महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सौगात देते हुए Mahtari Vandan Yojana की 25वीं किस्त जारी की.
रायपुर के Lal Bahadur Shastri Mini Stadium में आयोजित एक बड़े सम्मेलन के दौरान यह राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. इस किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 69 लाख 48 हजार महिलाओं को कुल 641 करोड़ 58 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई.
सरकार के अनुसार इस Mahtari Vandan Yojana के माध्यम से अब तक महिलाओं को कुल 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.
महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य की प्राथमिकता
Mahtari Vandan Yojana कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होती है. जब महिलाओं को आर्थिक मजबूती और अवसर मिलते हैं, तो उसका सीधा असर पूरे परिवार और समाज के विकास पर पड़ता है.
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए नीतियां बना रही है. सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें और समाज में अपनी भूमिका को और सशक्त तरीके से निभा सकें.
हर पात्र महिला को मिल रहे हैं 1000 रुपये प्रतिमाह
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 मार्च 2024 को इस योजना की शुरुआत की गई थी. उस समय सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने 1000 रुपये की राशि सीधे भेजी जाएगी.
पिछले 25 महीनों से यह राशि लगातार महिलाओं को दी जा रही है. इस तरह अब तक हर लाभार्थी महिला को लगभग 25 हजार रुपये की सहायता मिल चुकी है.
सरकार का मानना है कि यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह आर्थिक सहारा उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
बजट में 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य सरकार ने इस Mahtari Vandan Yojana को लगातार जारी रखने के लिए इस वर्ष के बजट में 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है.
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कई महिलाएं इस पैसे का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, घरेलू जरूरतों और बचत के लिए कर रही हैं. वहीं कुछ महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय भी शुरू किए हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है.
महिलाएं बन रही हैं बेहतर वित्त प्रबंधक
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की एक खास पहचान यह है कि वे परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से संभालने के साथ-साथ आर्थिक प्रबंधन भी बहुत समझदारी से करती हैं.
कई महिलाओं ने इस Mahtari Vandan Yojana से मिली राशि को अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत योजनाओं में निवेश किया है. कुछ महिलाओं ने छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.
इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि आर्थिक सहायता मिलने पर महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास योजना
Mahtari Vandan Yojana कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है.
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नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं. इससे प्रभावित परिवारों को स्थायी आवास और बेहतर जीवन की दिशा में मदद मिलेगी.
महिलाओं के लिए महतारी सदन का निर्माण
राज्य में महिलाओं की सामुदायिक गतिविधियों और प्रशिक्षण के लिए 368 महतारी सदन बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है. इनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है.
ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे इन भवनों का उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा मिलेगा.
8 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 8 लाख महिलाएं अब ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. राज्य सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाने का है.
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इसके अलावा महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य को भी दोबारा शुरू किया गया है, जिससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आय के नए अवसर मिल रहे हैं.
बस्तर क्षेत्र में बढ़ रही विकास सुविधाएं
सरकार ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को फिर से मजबूत किया जा रहा है. बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है और गांवों में बिजली तथा मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं.
इसके साथ ही सड़क और पेयजल सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री बस सेवा योजना भी शुरू की गई है.
महिलाओं की सफलता की प्रेरक कहानियां
इस Mahtari Vandan Yojana से लाभान्वित कई महिलाओं ने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं. मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी ने योजना से मिली राशि से ई-रिक्शा खरीदकर रोजगार शुरू किया.
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धमतरी की नीतू साहू ने अपनी बेटियों के नाम बचत योजना में निवेश शुरू किया, जबकि सरगुजा की निधि जायसवाल ने “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर खोलकर स्वरोजगार की शुरुआत की.
इसी तरह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू ने सिलाई सेंटर शुरू किया और जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट ने पारिवारिक व्यवसाय में निवेश कर आय बढ़ाई.
‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ पहल की शुरुआत
Mahtari Vandan Yojana कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ पहल की शुरुआत भी की. इस पहल के तहत महिलाओं को मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद बनाने और बेचने का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है. सरकार को उम्मीद है कि इस Mahtari Vandan Yojana से आने वाले समय में हजारों महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
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