Sarvam Indus: भारतीय एआई स्टार्टअप Sarvam ने अपना नया चैट प्लेटफॉर्म Indus AI लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह ऐप खास तौर पर भारतीय यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और 22 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट व वॉइस सपोर्ट देता है। लॉन्च के साथ ही टेक जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह नया ऐप वैश्विक एआई चैटबॉट्स, खासकर ChatGPT और Google Gemini को टक्कर दे पाएगा।
भारतीय भाषाओं और लोकल समझ पर खास जोर
Sarvam Indus AI की सबसे बड़ी खासियत इसका बहुभाषी सपोर्ट है। कंपनी के अनुसार यह ऐप 22 भारतीय भाषाओं में बातचीत कर सकता है और वॉइस इनपुट को भी समझता है। इसे भारतीय उच्चारण, स्थानीय मुहावरों और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया है।
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कंपनी का कहना है कि Sarvam Indus का सर्वर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में ही आधारित है, जिससे डेटा लोकलाइजेशन और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। ऐसे समय में जब डेटा प्राइवेसी और डिजिटल संप्रभुता पर बहस तेज है, यह कदम सरकार और घरेलू उद्योग दोनों के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।
105 बिलियन पैरामीटर वाले मॉडल पर आधारित
Sarvam Indus AI, Sarvam के 105 बिलियन पैरामीटर वाले बड़े लैंग्वेज मॉडल पर आधारित है। कंपनी ने हाल ही में 105B और 30B मॉडल पेश किए थे और अब उसी तकनीक को आम यूजर्स के लिए ऐप के रूप में उपलब्ध कराया गया है।
स्टार्टअप का लक्ष्य केवल एक चैट ऐप तक सीमित नहीं है। कंपनी पहले ही HMD के साथ फीचर फोन में एआई क्षमताएं जोड़ने और Bosch के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में एआई समाधान विकसित करने पर काम कर रही है। इससे स्पष्ट है कि Sarvam भारत-केंद्रित एआई इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में लंबी रणनीति पर काम कर रहा है।
फीचर्स की तुलना: Indus बनाम ChatGPT
फीचर्स की बात करें तो ChatGPT फिलहाल अधिक परिपक्व और बहु-आयामी प्लेटफॉर्म माना जाता है। यह कोडिंग सहायता, प्रोफेशनल लेखन, इमेज जनरेशन और मल्टीमॉडल इनपुट जैसे फीचर्स देता है। यूजर्स इमेज अपलोड कर सकते हैं, डॉक्युमेंट्स पर काम कर सकते हैं और जटिल रिसर्च कार्य भी कर सकते हैं।
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इसके मुकाबले Sarvam Indus AI अभी टेक्स्ट और वॉइस चैट पर केंद्रित है। फिलहाल इसमें इमेज अपलोड, फाइल एनालिसिस या एडवांस मल्टीमॉडल टूल्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि भारतीय भाषाओं में इसकी मजबूत पकड़ इसे स्थानीय यूजर्स के लिए आकर्षक बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो अंग्रेज़ी में सहज नहीं हैं।
बीटा फेज में मुफ्त, लेकिन कुछ सीमाएं
कीमत के मामले में भी दोनों प्लेटफॉर्म अलग रणनीति अपनाते दिखते हैं। ChatGPT का फ्री वर्जन उपलब्ध है, जबकि इसके GO (₹399) और Plus (₹1,999) जैसे पेड प्लान भी हैं, जिनमें उन्नत फीचर्स मिलते हैं।
वहीं Indus AI फिलहाल बीटा फेज में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। कंपनी ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को जोड़ने के उद्देश्य से इसे फ्री रखे हुए है। हालांकि, इसमें कुछ सीमाएं भी हैं। उदाहरण के तौर पर चैट हिस्ट्री को अलग से डिलीट करने का विकल्प नहीं है और इसका नॉलेज कटऑफ जून 2025 तक का बताया जा रहा है।
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क्या बनेगा मजबूत विकल्प?
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि Sarvam Indus AI का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसकी लोकल समझ और भारतीय भाषाओं में दक्षता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में, जहां अंग्रेज़ी आधारित प्लेटफॉर्म की पहुंच सीमित है, वहां यह ऐप उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि एडवांस रिसर्च, मल्टीमॉडल इनपुट और प्रोफेशनल उपयोग के मामलों में ChatGPT अभी भी आगे दिखाई देता है। Sarvam Indus को इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए और फीचर्स व बेहतर परफॉर्मेंस लानी होगी।
Sarvam Indus AI ऐप भारत के एआई परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल दिखाती है कि भारतीय स्टार्टअप अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में भागीदार बनने की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sarvam Indus AI, ChatGPT को पूरी तरह टक्कर दे पाएगा या नहीं। लेकिन इतना तय है कि भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों पर केंद्रित यह प्रयास एआई बाजार में नई दिशा जरूर तय कर सकता है।
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