AI Summit Protest Row: नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ विरोध ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के भीतर हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद बीजेपी ने देशभर में विरोध मार्च (AI Summit Protest Row) निकालकर कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। शनिवार सुबह जब राहुल गांधी मुंबई पहुंचे तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। जयपुर, जम्मू और सूरत समेत कई शहरों में भी पार्टी ने प्रदर्शन कर इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया।
क्या हुआ था AI समिट में?
शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल AI शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महंगाई और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से अपनी शर्ट उतारकर डिस्प्ले बोर्ड के सामने विरोध दर्ज कराया।
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और कार्यक्रम को बिना बाधा आगे बढ़ाया गया। चूंकि यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का था, इसलिए घटना ने राजनीतिक से ज्यादा कूटनीतिक संवेदनशीलता भी पैदा कर दी।
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बीजेपी का देशव्यापी विरोध
घटना के बाद बीजेपी ने इसे देश की छवि पर हमला करार दिया। मुंबई में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए गए। वहीं नई दिल्ली में बीजेपी युवा मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन और घेराव किया। एक युवा मोर्चा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन (AI Summit Protest Row) भारत की छवि खराब करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का विरोध दुनिया को गलत संदेश देता है और कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
किरण रिजीजू का तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने इस घटना को लेकर कांग्रेस (AI Summit Protest Row) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपनी युवा शाखा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय आयोजन में व्यवधान डालकर ‘देश के खिलाफ बड़ा पाप’ किया है। रिजीजू ने कहा कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। उनके मुताबिक, जब भारत वैश्विक मंच पर तकनीकी प्रगति का प्रदर्शन कर रहा था, तब इस तरह का प्रदर्शन देश की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वह राष्ट्रहित के मुद्दों पर विरोध की राजनीति कब बंद करेगी।
कांग्रेस की रणनीति या आक्रामक विपक्ष?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विपक्ष अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में इस तरह के प्रदर्शन को राजनीतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा मानता है, या यह रणनीति उलटी पड़ सकती है। कांग्रेस समर्थकों का तर्क है कि लोकतंत्र में विरोध (AI Summit Protest Row) दर्ज कराना अधिकार है, चाहे मंच कोई भी हो। वहीं बीजेपी इसे वैश्विक मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावी माहौल में इस मुद्दे को दोनों दल अपने-अपने नैरेटिव के अनुसार भुनाने की कोशिश करेंगे।
AI और राजनीति का टकराव
AI समिट का उद्देश्य भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करना था। लेकिन आयोजन के बीच हुई इस घटना ने तकनीकी चर्चा को राजनीतिक विवाद में बदल दिया। यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में विपक्ष ने विरोध (AI Summit Protest Row) दर्ज कराया हो, लेकिन ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन ने इसे ज्यादा दृश्य और विवादास्पद बना दिया। अब सवाल यह है कि क्या यह विवाद कुछ दिनों में थम जाएगा या फिर संसद और चुनावी सभाओं में भी गूंजेगा।
मुद्दा छवि बनाम अभिव्यक्ति का
AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में छवि और अभिव्यक्ति की बहस को फिर से जीवित कर दिया है। एक ओर सरकार इसे देश की प्रतिष्ठा से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता सकता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या बड़े राजनीतिक टकराव में बदलता है।
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