Shivneri Fort Crowd Incident: महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित ऐतिहासिक शिवनेरी किला में इस वर्ष छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली होने के कारण यह किला हर साल हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बनता है, लेकिन इस बार भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से युवा ‘शिव ज्योति’ लेकर रात से ही किले परिसर में पहुंचने लगे थे। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्रित हुए। देखते ही देखते किले का पूरा परिसर खचाखच (Shivneri Fort Crowd Incident) भर गया।
संकरी राहें बनीं मुश्किल, भगदड़ जैसे हालात
भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण हाथी दरवाजा और अंबरखाना के नीचे स्थित गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक अत्यधिक भीड़ जमा हो गई। पहले से ही संकरी पगडंडियों पर एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने से भगदड़ (Shivneri Fort Crowd Incident) जैसे हालात बन गए। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोगों में घबराहट फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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महिलाएं और बच्चे घायल, अस्पताल में भर्ती
इस भीड़भाड़ के दौरान कुछ महिलाएं और छोटे बच्चे गिर पड़े, जिससे उन्हें चोटें आईं। कई अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आईं। घायलों को तुरंत जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को संभाला और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
हर साल छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने से प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए ठोस एंट्री-एग्जिट प्लान, मजबूत बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ (Shivneri Fort Crowd Incident) को देखते हुए आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन निगरानी और डिजिटल काउंटिंग सिस्टम का उपयोग भी किया जा सकता है।
क्यों खास है शिवनेरी किला?
शिवनेरी किला (Shivneri Fort Crowd Incident) केवल एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि मराठा गौरव का प्रतीक है। यहीं 19 फरवरी 1630 को छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। उनके पिता शाहाजी भोसले और माता जीजाबाई थीं।
कहा जाता है कि जीजाबाई ने बचपन से ही शिवाजी में स्वाभिमान, साहस और कूटनीति की भावना जागृत की। रामायण और महाभारत की कथाओं के माध्यम से उन्होंने उन्हें धर्म, न्याय और शौर्य का पाठ पढ़ाया। शिवाजी का बचपन इसी किले में बीता, जिससे यह स्थान आज भी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखता है।
आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन की जरूरत
शिवाजी महाराज जयंती जैसे आयोजनों में उमड़ने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि छत्रपति शिवाजी महाराज आज भी करोड़ों लोगों की प्रेरणा हैं। हालांकि, आस्था के इस उत्साह के बीच सुरक्षा इंतजामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रशासन के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान बेहतर योजना और समन्वय सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा बनाए रखना (Shivneri Fort Crowd Incident) दोनों ही समान रूप से आवश्यक हैं।
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