Rajasthan Budget 2026-27: जयपुर में राज्य विधानसभा के भीतर पेश किए गए बजट 2026-27 (Rajasthan Budget 2026-27) को लेकर सियासी और आर्थिक हलकों में चर्चा तेज है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री Diya Kumari ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिला सम्मान को समर्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है।
‘विकसित राजस्थान@2047’ की दिशा में कदम
वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान@2047’ विजन के तहत चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2030, 2035, 2040 और 2047 के लिए अलग-अलग माइलस्टोन तय किए गए हैं। सरकार का दावा है कि समावेशी विकास मॉडल के तहत समाज के हर वर्ग विशेषकर वंचित तबकों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट (Rajasthan Budget 2026-27) केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान का ब्लूप्रिंट है।
शिक्षा और कृषि में 35% तक बढ़ोतरी
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में 68,989 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पूर्ववर्ती बजट से लगभग 35 प्रतिशत अधिक है। कृषि क्षेत्र में भी 1,19,408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पहले की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री के अनुसार किसान और कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाना प्राथमिकता है।
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जीएसडीपी में तेज रफ्तार
राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने सकारात्मक आंकड़े पेश किए। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी 21.52 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान सरकार के दो वर्षों में जीएसडीपी में 6.30 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान जताया गया है, जबकि औसत ग्रोथ रेट 12.25 प्रतिशत बताई गई है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं
91 लाख से अधिक पेंशनरों को 28,400 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की जा चुकी है। गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 1.55 लाख से अधिक बालिकाओं को 46 करोड़ रुपये से अधिक की डीबीटी राशि जारी की गई। निःशुल्क टैबलेट योजना में 33 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिला है, और अब ई-वाउचर का प्रावधान भी जोड़ा गया है।
रोजगार पर सरकार का दावा
सरकार ने 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का संकल्प दोहराया। अब तक 1 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। निजी क्षेत्र में भी 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का दावा किया गया है।
1 लाख करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय
आधारभूत संरचना विकास के लिए 53,978 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जो 2023-24 की तुलना में दोगुना है। साथ ही, सरकारी उपक्रमों द्वारा लगभग 51 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। इस प्रकार कुल पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहेगा।
जल, सड़क और औद्योगिक ढांचे पर फोकस
राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। जल जीवन मिशन (शहरी) के तहत 6,245 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नीमराणा क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1,012 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम जलाशय और फीडर निर्माण प्रस्तावित है।
नई घोषणाएं: आत्मरक्षा से लेकर जीएसएस तक
चर्चा के बाद वित्त मंत्री ने 1 लाख बालिकाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने की घोषणा की। 690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। विभिन्न जिलों में 132 केवी और 33/11 केवी जीएसएस निर्माण की घोषणाएं (Rajasthan Budget 2026-27) कर विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।
स्थानीय सुविधाओं का विस्तार
जयपुर, बीकानेर, अलवर, जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में मिनी सचिवालय, पुलिस चौकी, अभियंता कार्यालय और पार्किंग विकास कार्यों की घोषणाएं की गईं। शहरी क्षेत्रों में नालों, पाइपलाइन और बस स्टैंड के विकास के लिए भी बजट आवंटित किया गया।
संतुलित बजट या सियासी रणनीति?
राजस्थान बजट 2026-27 (Rajasthan Budget 2026-27) में सरकार ने विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का संतुलित खाका पेश करने की कोशिश की है। जहां एक ओर बड़े निवेश और जीएसडीपी वृद्धि के आंकड़े प्रस्तुत किए गए, वहीं विपक्ष इन दावों की जमीनी हकीकत पर नजर रखे हुए है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि ‘विकसित राजस्थान@2047’ का विजन कितनी तेजी से धरातल पर उतर पाता है।
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