Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अपनी पहचान बदल ली है। आईआईएम लखनऊ की हालिया केस स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने पर्यटन, रोजगार, निवेश और कर राजस्व पर गहरा असर डाला है। पहले जहां अयोध्या केवल एक पवित्र तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध थी, वहीं अब यह आर्थिक गतिविधियों और व्यापार का केंद्र बन गया है।
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Ayodhya Ram Mandir: पर्यटन और श्रद्धालुओं का बड़ा योगदान
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु अयोध्या में पहुंच रहे हैं। स्टडी में कहा गया है कि औसतन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु हर दिन अयोध्या की गलियों, मंदिर मार्ग और पूजा स्थलों का रुख कर रहे हैं। इस भीड़ ने होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र को नई गति दी है।
अयोध्या में अब 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे स्थापित हो चुके हैं। बड़े होटल चेन भी शहर में विस्तार कर रहे हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि धार्मिक पर्यटन ने अयोध्या में रोजगार और निवेश दोनों के लिए अवसर बढ़ाए हैं।
Ayodhya Ram Mandir: निवेश और रोजगार में अभूतपूर्व वृद्धि
आईआईएम लखनऊ की स्टडी के मुताबिक अगले 4- 5 वर्षों में अयोध्या में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होने का अनुमान है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने अयोध्या में स्थानीय व्यवसायों और कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया है।
स्थानीय हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति-चिह्न, मूर्तियां और अन्य सामग्री की मांग तेजी से बढ़ी है। कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को इससे प्रतिदिन ढाई हजार रुपये तक अतिरिक्त आय मिलने लगी है। लगभग 6 हजार एमएसएमई (लघु और मध्यम उद्यम) यहां स्थापित हुए हैं, जिनसे छोटे और मध्यम उद्यमियों को रोजगार और आमदनी में बड़ा फायदा हुआ है।
Ayodhya Ram Mandir: कर राजस्व और आर्थिक गतिविधियों में तेजी
स्टडी में बताया गया है कि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से उत्पन्न पर्यटन आधारित गतिविधियों से कर राजस्व 20 से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। होटल, परिवहन, खुदरा व्यापार और सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुई है। स्थानीय अर्थव्यवस्था में यह बदलाव बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है।
साथ ही, देशभर में धार्मिक स्मृति-चिह्न, मूर्तियां, धार्मिक पुस्तकें और अन्य सामग्री की बिक्री में भी तेज उछाल आया है। इस कारोबार के चलते अयोध्या की हिस्सेदारी देशव्यापी व्यापार में महत्वपूर्ण बन गई है। पूरे देश में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े उत्पादों और सेवाओं का कारोबार अनुमानित रूप से 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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Ayodhya Ram Mandir: स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों को फायदा
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने न केवल बड़े व्यवसायों को बल्कि छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और कारीगरों को भी फायदा पहुंचाया है। स्टडी में कहा गया है कि छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अब प्रतिदिन ढाई हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर पा रहे हैं।
स्थानीय हस्तशिल्प और मूर्तियों की मांग ने कारीगरों के जीवन स्तर में सुधार किया है। इसके साथ ही मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में नए स्टार्टअप और एमएसएमई स्थापित हुए हैं, जिससे रोजगार और निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है।
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या अब सिर्फ तीर्थस्थल नहीं
आईआईएम लखनऊ की केस स्टडी में यह स्पष्ट किया गया है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या अब केवल धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं रहा। यह शहर आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और निवेश का केंद्र भी बन गया है। मंदिर से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों के चलते स्थानीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
होटल, परिवहन, सेवा क्षेत्र, खुदरा व्यवसाय और हस्तशिल्प उद्योग सभी ने मिलकर अयोध्या को देशभर में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है। यह बदलाव न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय बढ़ाने वाला है, बल्कि पूरे राज्य और देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डाल रहा है।
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में आर्थिक और निवेश का नया अध्याय
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने अयोध्या की तस्वीर बदल दी है। धार्मिक पर्यटन, निवेश, रोजगार, स्थानीय उद्योग और कर राजस्व सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आईआईएम लखनऊ की स्टडी के अनुसार, देशभर में इससे जुड़े कारोबार की कुल कीमत 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
इस बदलाव से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक और आर्थिक गतिविधियों का संतुलन न केवल अयोध्या के लिए बल्कि पूरे देश के लिए अवसरों का नया मार्ग खोल रहा है। अयोध्या अब सिर्फ श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि विकास और निवेश का भी उदाहरण बन गया है।
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