Arijit Singh Quits Playback Singing: बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद आवाज़ों में शुमार अरिजीत सिंह के अचानक प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने (Arijit Singh Quits Playback Singing) की खबर ने म्यूजिक इंडस्ट्री और फैंस को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर यह दावा सामने आते ही तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। किसी ने इसे इंडस्ट्री के दबाव से जोड़ा, तो किसी ने म्यूजिक स्टूडियोज के कथित टॉक्सिक कल्चर को वजह बताया। हालांकि, अब इस पूरे मामले पर सिंगर अरमान मलिक ने सामने आकर अफवाहों को सिरे से खारिज किया है और अरिजीत के फैसले को पूरी तरह निजी और सकारात्मक बताया है।
क्यों चौंक गया हर कोई?
अरिजीत सिंह पिछले एक दशक से बॉलीवुड की सबसे बड़ी आवाज़ बने हुए हैं। रोमांटिक बैलेड्स से लेकर इमोशनल और सूफी गानों तक, उनकी आवाज़ ने करोड़ों दिलों को छुआ है। ऐसे में अचानक उनके प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने (Arijit Singh Quits Playback Singing) की खबर आना फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं था। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह बहस तेज हो गई कि आखिर-
- क्या अरिजीत इंडस्ट्री के दबाव से थक गए थे?
- क्या क्रिएटिव फ्रीडम की कमी इसकी वजह है?
- या फिर म्यूजिक इंडस्ट्री का टॉक्सिक कल्चर उन्हें इस फैसले तक ले आया?
Read More: थलाइवा की दरियादिली, ईमानदारी की मिसाल बनी सफाईकर्मी पद्मा, रजनीकांत ने घर बुलाकर किया सम्मान

अरमान मलिक ने अफवाहों पर दिया साफ जवाब
इन सभी अटकलों के बीच अरमान मलिक ने जूम को दिए एक इंटरव्यू में अरिजीत सिंह के फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही बातें बेबुनियाद और गलत हैं। अरमान ने कहा, ‘हर इंडस्ट्री की अपनी एक डार्क साइड होती है और म्यूजिक इंडस्ट्री भी इससे अलग नहीं है, लेकिन मेरे करियर में अब तक मुझे किसी तरह के टॉक्सिक कल्चर का सामना नहीं करना पड़ा।’
‘अरिजीत मेरे लिए भाई जैसे हैं’ – अरमान
अरमान मलिक ने यह भी साफ किया कि वे अरिजीत के बेहद करीब रहे हैं और उनके साथ कई बार काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘एक दूसरे सिंगर होने के नाते मैं यह टिप्पणी नहीं कर सकता कि अरिजीत ने यह फैसला क्यों लिया। मैं उन्हें अपने भाई जैसा मानता हूं। अमाल मलिक के स्टूडियो में हम कई बार मिले हैं और उन रिकॉर्डिंग सेशंस का मैं खुद हिस्सा रहा हूं।’ अरमान के मुताबिक, उन्होंने कभी ऐसा महसूस नहीं किया कि अरिजीत को किसी तरह की वर्कप्लेस टॉक्सिसिटी का सामना करना पड़ा हो।
टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर की थ्योरी खारिज
अरमान मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के पीछे टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर कारण नहीं है। उन्होंने कहा, ‘कम से कम मेरे अनुभव में तो ऐसा कुछ नहीं रहा है। इसलिए मैं यह नहीं मानता कि उनके फैसले के पीछे कोई नकारात्मक वजह रही होगी।’
‘खूबसूरत मुकाम पर छोड़ा करियर’
अरमान मलिक ने अरिजीत सिंह के करियर को लेकर बेहद सकारात्मक बात कही। उनके अनुसार, ए’क दशक में अरिजीत ने इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया है। उन्होंने हमें अनगिनत यादगार गाने दिए हैं। अगर उन्हें लगता है कि यह उनके सफर का सही पड़ाव है, तो उन्होंने करियर एक बेहद खूबसूरत मुकाम पर छोड़ा है।’ अरमान ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अरिजीत (Arijit Singh Quits Playback Singing) के साथ कुछ गलत हुआ होगा, जिसने उन्हें ऐसा फैसला लेने पर मजबूर किया हो।
क्या वाकई यह ‘अलविदा’ है?
हालांकि अरिजीत सिंह ने खुद अभी तक इस पूरे मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि यह फैसला रिटायरमेंट से ज्यादा एक ट्रांजिशन हो सकता है। संभव है कि अरिजीत आगे लाइव परफॉर्मेंस, इंडिपेंडेंट म्यूजिक या अपने प्रोजेक्ट्स पर फोकस करें।
अफवाहों से दूर, फैसले का सम्मान
अरमान मलिक के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने (Arijit Singh Quits Playback Singing) को लेकर फैलाई जा रही नकारात्मक बातें सच्चाई से दूर हैं। यह एक कलाकार का निजी और सोचा-समझा फैसला है, जिसे सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए।
Also read: क्या उर्फी जावेद ने बदला धर्म और बनीं गीता भारद्वाज? उर्फी जावेद ने धर्म विवाद पर तोड़ी चुप्पी



