Chhattisgarh Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से अच्छी खबर आई है। यहां 51 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 34 महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस और सरकार इसे बड़ी सफलता मान रही है।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: आत्मसमर्पण करने वालों में महिलाओं की संख्या ने सबको चौंकाया
इस आत्मसमर्पण की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 51 नक्सलियों में से 34 महिलाएं हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह संकेत है कि नक्सली संगठनों के भीतर भी अब असंतोष बढ़ रहा है। महिलाएं, जो लंबे समय से नक्सली हिंसा का हिस्सा रही हैं, अब सामान्य और सुरक्षित जीवन की ओर लौटना चाहती हैं।
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Chhattisgarh Naxalites Surrender: सरकार की नीति और विकास कार्यों का दिखा असर
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने खुद माना है कि हिंसा के रास्ते पर चलकर उन्हें केवल नुकसान, डर और अकेलापन ही मिला।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: बीजापुर में 30 नक्सलियों ने एक साथ डाले हथियार
बीजापुर जिले में ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास अभियान के तहत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 20 महिलाएं शामिल थीं। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों के सामने हथियार डालते समय नक्सलियों ने कहा कि वे अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं और अपने परिवार के साथ सामान्य जिंदगी बिताना चाहते हैं।
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Chhattisgarh Naxalites Surrender: सुकमा में भी बदला हालात का रुख
सुकमा जिले में 21 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। इनमें 14 महिलाएं शामिल हैं। ये नक्सली छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा से जुड़े विभिन्न माओवादी संगठनों में सक्रिय थे। इन पर कुल मिलाकर करीब 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: हथियारों का जखीरा भी पुलिस के हवाले
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी जमा कराई। इनमें एके-47 राइफल, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल, बीजीएल, बंदूकें, जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पहले हिंसक घटनाओं में किया जा चुका था।
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Chhattisgarh Naxalites Surrender: हर आत्मसमर्पित नक्सली को तुरंत आर्थिक मदद
राज्य सरकार की नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले हर नक्सली को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसके साथ ही उन्हें आगे शिक्षा, रोजगार प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: लगातार कमजोर पड़ रहा नक्सलवाद
पुलिस के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के लक्ष्य के तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। साल 2026 में अब तक करीब 300 नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 1500 से ज्यादा थी। ये आंकड़े बताते हैं कि नक्सली संगठन अब बिखरने लगे हैं।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: मुख्यमंत्री ने बताया शांति और विकास की जीत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति और भरोसे की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार से लोगों का सरकार पर विश्वास बढ़ा है। यही कारण है कि नक्सली अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: शेष नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की अपील
आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बाकी नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता केवल विनाश की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि ‘पूना मारगेम’ अभियान उन लोगों के लिए है, जो शांति, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे।
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