Surajkund International Crafts Mela 2026: अगर आप घूमने-फिरने के साथ-साथ कला, संस्कृति और हैंडमेड चीज़ों के शौकीन हैं, तो हरियाणा का फरीदाबाद इन दिनों आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2026 (Surajkund International Crafts Mela) पूरे शबाब पर है और देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी रंगीन दुनिया में खींच रहा है। 31 जनवरी से शुरू हुआ यह भव्य मेला 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। यहां कदम रखते ही लोक कलाकारों की धुन, मिट्टी और कपड़ों की खुशबू, और देसी-विदेशी व्यंजनों का स्वाद मिलकर एक ऐसा अनुभव देते हैं, जो सालभर याद रहता है।
कब और कितनी देर घूमना है?
- सूरजकुंड मेला रोजाना सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुला रहता है।
- अगर आप मेले का पूरा मज़ा लेना चाहते हैं, तो कम से कम 4–5 घंटे अपने पास रखें।
- इससे आप आराम से शॉपिंग, फूड कोर्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइव परफॉर्मेंस का आनंद ले पाएंगे।
सूरजकुंड मेले की कहानी – 1987 से आज तक
सूरजकुंड शिल्प मेले की शुरुआत साल 1987 में हुई थी। इसका उद्देश्य उन कारीगरों को मंच देना था, जिनके पास हुनर तो था, लेकिन बाजार तक पहुंच नहीं थी। समय के साथ यह मेला (Surajkund International Crafts Mela) सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान बन गया। आज यहां भारत के हर राज्य के साथ-साथ दर्जनों विदेशी देशों के कलाकार अपनी परंपरा और कला का प्रदर्शन करते हैं।
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टिकट की कीमत और बुकिंग का स्मार्ट तरीका
मेले में प्रवेश के लिए टिकट की कीमतें आम लोगों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं-
- सोमवार से शुक्रवार – ₹120
- शनिवार और रविवार – ₹180
छूट: स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन अगर वैध ID कार्ड साथ लाते हैं, तो उन्हें टिकट में विशेष रियायत मिल सकती है।
टिकट कहां से लें?
- ऑनलाइन – DMRC मोबाइल ऐप से घर बैठे
- मेट्रो स्टेशन – चुनिंदा स्टेशनों पर टिकट काउंटर
- मेला गेट – ऑफलाइन काउंटर (भीड़ से बचने के लिए ऑनलाइन बेहतर)
सूरजकुंड कैसे पहुंचें?
- मेट्रो से – सबसे नजदीकी स्टेशन: बदरपुर बॉर्डर, स्टेशन से ऑटो और फीडर बसें उपलब्ध
- बस से – सड़क मार्ग से आने वालों के लिए 18 स्पेशल बसें, सामान्य दिनों में हर 30 मिनट, शनिवार-रविवार को हर 15 मिनट में बस सेवा
इस साल का थीम स्टेट – उत्तर प्रदेश
सूरजकुंड मेला 2026 का थीम स्टेट ‘उत्तर प्रदेश’ है। इसका मतलब है कि इस बार मेले में यूपी की शाही संस्कृति खास आकर्षण (Surajkund International Crafts Mela) बनी हुई है। यहां आपको मिलेंगी-
- बनारस की सिल्क साड़ियां
- लखनऊ की नाज़ुक चिकनकारी
- कन्नौज का मशहूर इत्र और यूपी की चाट व कबाब का लाजवाब स्वाद
शॉपिंग, फूड और शानदार सुविधाएं
मेले में इस साल 1300 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं। हर स्टॉल पर रेट लिस्ट लगी है, ताकि किसी तरह की मोलभाव की परेशानी न हो।
- हैंडमेड ज्वेलरी
- मिट्टी और लकड़ी की कलाकृतियां
- टेक्सटाइल और होम डेकोर
- देसी-विदेशी फूड कोर्ट
सफाई व्यवस्था के लिए फरीदाबाद नगर निगम की 200 से ज्यादा टीमें दिन-रात तैनात हैं, जिससे मेहमानों को साफ-सुथरा माहौल मिले।
क्यों खास है सूरजकुंड मेला 2026?
सूरजकुंड मेला सिर्फ खरीदारी या घूमने की जगह नहीं, बल्कि यह-
- भारतीय कारीगरों का सम्मान
- लोक संस्कृति का उत्सव
- परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम का बेहतरीन मौका है।
फरवरी की हल्की धूप में यह मेला एक परफेक्ट वीकेंड प्लान (Surajkund International Crafts Mela) बन सकता है।
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