Emmanuel Macron India visit: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों फरवरी में भारत दौरे (Emmanuel Macron India visit) पर आ सकते हैं, जिससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, मैक्रों का यह दौरा 17 से 19 फरवरी के बीच हो सकता है और इसकी शुरुआत मुंबई से किए जाने की तैयारी है। यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
मुंबई में ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ का भव्य आग़ाज़
राष्ट्रपति मैक्रों मुंबई में आयोजित इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। खास बात यह है कि मुंबई के ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया पर एक बड़े सार्वजनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है, जहां फ्रांस और भारत की साझेदारी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह आयोजन भारत की सॉफ्ट पावर (Emmanuel Macron India visit) और फ्रांस के साथ मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक बन सकता है।
दिल्ली में पीएम मोदी-मैक्रों की हाई-लेवल वार्ता
दौरे के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में रक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, इंडो-पैसिफिक रणनीति और उभरती तकनीकों पर चर्चा होने की संभावना है। फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक बड़ा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा, जिसमें फ्रांस के कई वरिष्ठ मंत्री, नीति-निर्माता और प्रमुख बिजनेस लीडर्स शामिल हो सकते हैं। इसे भारत-फ्रांस आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

AI इंडिया समिट में मैक्रों की मौजूदगी से बढ़ेगा वैश्विक प्रभाव
राष्ट्रपति मैक्रों दिल्ली में आयोजित AI इंडिया समिट में भी हिस्सा ले सकते हैं। गौरतलब है कि इस साल भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वैश्विक संवाद का केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है। फ्रांस पहले से ही AI और डिजिटल पॉलिसी में अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में मैक्रों की मौजूदगी से भारत-फ्रांस सहयोग एथिकल AI, रेगुलेशन और इनोवेशन के क्षेत्र में नई दिशा ले सकता है।
रक्षा क्षेत्र में बड़े ऐलान की संभावना
इस दौरे (Emmanuel Macron India visit) को लेकर रक्षा क्षेत्र में भी हलचल तेज है। माना जा रहा है कि राफेल, रक्षा निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मेक-इन-इंडिया से जुड़े कई अहम ऐलान हो सकते हैं। फ्रांस के रक्षा मंत्री के बेंगलुरु दौरे की भी संभावना है, जहां वे भारतीय रक्षा उद्योग और टेक्नोलॉजी हब से जुड़ी बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। यह दौरा भारत-फ्रांस डिफेंस पार्टनरशिप को और गहरा कर सकता है।
पीएम मोदी-मैक्रों की केमिस्ट्री पहले ही कर चुकी है मजबूत आधार तैयार
इस संभावित दौरे से पहले 14 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के डिप्लोमैटिक एडवाइजर इमैनुएल बोन से मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भारत-फ्रांस संबंधों को ‘मजबूत, भरोसेमंद और बहुआयामी’ बताया था।
पीएम मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के बीच सहयोग इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और वैश्विक मुद्दों पर लगातार बढ़ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश इंडिया-फ्रांस इनोवेशन ईयर मना रहे हैं।
रणनीति, टेक्नोलॉजी और भरोसे की साझेदारी
इमैनुएल मैक्रों का संभावित भारत दौरा केवल एक राजनयिक यात्रा (Emmanuel Macron India visit) नहीं, बल्कि भविष्य की साझेदारी का ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है। मुंबई से दिल्ली तक फैला यह दौरा भारत-फ्रांस रिश्तों को वैश्विक राजनीति, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा के नए केंद्र में स्थापित कर सकता है।
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