Ghaziabad three sisters suicide: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक ही परिवार की तीन सगी नाबालिग बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दुखद भी। मासूम उम्र में उठाया गया यह कदम कई सवाल खड़े कर रहा है। घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी, जिसने तीन बच्चियों को मौत का रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया।
देर रात की घटना से कांप उठा इलाका
यह भयावह घटना रात करीब 2:15 से 2:30 बजे के बीच हुई। मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी का है। सोसायटी के टावर बी-1 में रहने वाली तीनों बहनें अचानक 9वीं मंज़िल की बालकनी से नीचे कूद गईं। रात के सन्नाटे में तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर बाहर निकले। जब लोगों की नजर नीचे पड़ी, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया। जमीन पर तीनों बच्चियों के शव पड़े थे और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।
मृतक बहनों की पहचान और परिवार पर टूटा दुख
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली तीनों बहनें नाबालिग थीं।
निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) अपने माता-पिता के साथ उसी फ्लैट में रहती थीं। एक ही रात में तीन बेटियों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो बदहवास हो गए। आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम थीं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि हंसती-खेलती दिखने वाली तीनों बहनें ऐसा खौफनाक कदम उठा लेंगी।
‘मम्मी-पापा सॉरी’ और बढ़ता रहस्य
पुलिस को फ्लैट से एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में केवल दो शब्द लिखे थे ‘मम्मी-पापा सॉरी’। इतना छोटा सा संदेश पूरे मामले को और भी भावुक और रहस्यमय बना रहा है। आखिर तीनों बहनों के मन में ऐसा क्या चल रहा था कि उन्होंने माता-पिता से माफी मांगते हुए अपनी जिंदगी खत्म कर ली? यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है। पुलिस इस नोट को बेहद अहम मानते हुए जांच में शामिल कर रही है।
ऑनलाइन गेमिंग ऐप की लत की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप का इस्तेमाल कर रही थीं। बताया जा रहा है कि वे कोरियन लवर गेम खेला करती थीं और इस गेम में दिए जाने वाले टास्क को लेकर काफी समय बिताती थीं। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि आत्महत्या का सीधा कारण यही गेम था या नहीं। फिलहाल पुलिस तीनों के मोबाइल फोन, ऐप्स, चैट हिस्ट्री और डिजिटल गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी तरह का मानसिक दबाव या उकसावा तो नहीं था।
पुलिस की कार्रवाई और समाज के लिए चेतावनी
शालीमार गार्डन के पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पीआरवी के माध्यम से रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली थी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों बच्चियों को एम्बुलेंस से 50 शैय्या अस्पताल, लोनी भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की मानसिक स्थिति, डिजिटल आदतों और ऑनलाइन गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समय रहते बातचीत, निगरानी और भावनात्मक सहारा शायद ऐसे हादसों को रोक सकता है।



