Delhi School Fee Hike: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर लंबे समय से अभिभावकों में असंतोष बना हुआ था। इस पृष्ठभूमि में दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने Delhi School Education Order 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इस आदेश का मकसद साफ है स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी (Delhi School Fee Hike) पर लगाम लगाना और माता-पिता व छात्रों को आर्थिक राहत देना। यह आदेश ऐसे समय आया है, जब महंगी स्कूल फीस मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है।
तीन साल की फीस पहले तय करनी होगी
नए आदेश के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को 2026-27 से 2028-29 तक के तीन वर्षीय सत्र के लिए प्रस्तावित फीस का पूरा विवरण 14 दिनों के भीतर जमा करना होगा।इसके साथ ही शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया गया है कि हर जिले में 30 दिनों के भीतर जिला शुल्क अपीलीय समिति (DFAC) का गठन किया जाए। यह समिति फीस बढ़ोतरी (Delhi School Fee Hike) से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेगी और स्कूलों के प्रस्ताव की जांच करेगी।

फीस बढ़ाने पर पूरी तरह रोक
LG के आदेश में साफ किया गया है कि-
- 1 अप्रैल 2025 से लेकर नए तीन वर्षीय शुल्क को अंतिम रूप दिए जाने तक कोई भी स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता
- तीन वर्षीय सत्र समाप्त होने के बाद, जब तक अगला शुल्क प्रस्ताव स्वीकृत न हो जाए, तब तक भी कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जा सकेगी
- अगर कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अत्यधिक वसूली पर कानूनी कार्रवाई तय
दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में फीस से जुड़े मामलों के निपटारे तक, 2025-26 सत्र में वसूली गई अत्यधिक फीस (Delhi School Fee Hike) को लेकर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि अगर स्कूल ने तय नियमों से ज्यादा फीस वसूली है, तो उसे जवाबदेह ठहराया जा सकता है। इससे अभिभावकों को पहली बार ऐसा मजबूत सुरक्षा कवच मिला है, जो सिर्फ निर्देश नहीं बल्कि कार्रवाई की बात करता है।
फी रेगुलेटिंग एक्ट कब से होगा लागू?
2 फरवरी 2026 को दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी कि प्राइवेट स्कूलों की फीस को रेगुलेट करने वाला कानून 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगा, न कि मौजूदा 2025-26 सत्र से। यह बयान सुप्रीम कोर्ट में उस समय दिया गया, जब दिल्ली हाईकोर्ट में Delhi School Education Act 2025 को चुनौती देने वाली निजी स्कूल यूनियनों की याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी।
1,700 प्राइवेट स्कूलों पर सीधा असर
दिल्ली स्कूल शिक्षा बिल 2025 के तहत राजधानी के करीब 1,700 प्राइवेट स्कूलों को सरकार की अनुमति के बिना फीस बढ़ाने से रोक दिया गया है। इससे पहले 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वह इस कानून को अप्रैल 2026 तक टालने पर विचार करे, क्योंकि चल रहे एकेडमिक सेशन में इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा।
अभिभावकों के लिए क्यों है यह आदेश अहम?
इस फैसले से-
- अचानक होने वाली फीस बढ़ोतरी रुकेगी
- स्कूलों को अपनी वित्तीय स्थिति सार्वजनिक करनी होगी
- अभिभावकों को शिकायत के लिए एक स्पष्ट मंच मिलेगा
- शिक्षा को “बिजनेस” बनने से रोकने में मदद मिलेगी
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आदेश दिल्ली में स्कूल शिक्षा व्यवस्था (Delhi School Fee Hike) को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बना सकता है।
फीस नहीं, नियम तय करेंगे खेल
Delhi School Education Order 2026 सिर्फ एक सरकारी अधिसूचना नहीं, बल्कि अभिभावकों के हित में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। अगर इसका सख्ती से पालन हुआ, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली में स्कूल फीस बढ़ोतरी (Delhi School Fee Hike) का पैटर्न पूरी तरह बदल सकता है।
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