BJP leaders on UGC rules: UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों को लेकर देशभर में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सामान्य वर्ग के लोगों के साथ-साथ अब राजनीतिक हलकों में भी इन नियमों को लेकर असहमति खुलकर सामने आने लगी है। इसी विवाद के बीच कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण का नाम अचानक चर्चा में आ गया, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।
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BJP leaders on UGC rules: सोशल मीडिया पर फैलाया गया दावा
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया (social media) पर यह दावा किया जा रहा था कि सांसद करण भूषण उस समिति का हिस्सा थे, जिसने UGC के नए नियमों को तैयार किया है। इन दावों के बाद लोग उन्हें नियमों का समर्थक मानने लगे और सवाल उठने लगे कि आखिर सांसद की भूमिका क्या रही है। देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस में बदल गया।
BJP leaders on UGC rules: परिवार के भीतर मतभेद की अटकलें
विवाद तब और बढ़ गया जब बृजभूषण शरण सिंह के छोटे बेटे और यूपी के विधायक प्रतीक भूषण ने UGC के नियमों का खुलकर विरोध किया। इसके बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि एक ही परिवार में दो अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक मतभेद का नाम दिया, तो कुछ ने इसे रणनीति बताया।
BJP leaders on UGC rules: करण भूषण ने तोड़ी चुप्पी
लगातार बढ़ रहे दावों और चर्चाओं के बीच अब सांसद करण भूषण ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर गलत प्रचार किया जा रहा है। बिना सच्चाई जाने उनका नाम नियम बनाने वाली समिति से जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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BJP leaders onUGC rules: ‘कमेटी से मेरा कोई संबंध नहीं’
करण भूषण ने साफ शब्दों में कहा कि वह जिस संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, उस कमेटी का UGC के इन नियमों को बनाने में कोई भी योगदान नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका इन नियमों से न तो कोई लेना-देना है और न ही वे इसके पक्ष में हैं।
BJP leaders on UGC rules: UGC से दोबारा विचार की मांग
सांसद ने सिर्फ सफाई ही नहीं दी, बल्कि UGC से इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि उसे बांटना। अगर कोई नियम समाज में तनाव या भेदभाव की स्थिति पैदा करता है, तो उस पर गंभीरता से सोचना जरूरी है।
BJP leaders on UGC rules: शिक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता
करण भूषण ने अपने बयान में कहा कि शिक्षण संस्थानों को किसी भी हाल में जातिगत टकराव का केंद्र नहीं बनना चाहिए। शिक्षा का मकसद बच्चों को बेहतर भविष्य देना है, न कि समाज में वैमनस्य बढ़ाना। उन्होंने कहा कि देश तभी आगे बढ़ेगा, जब सभी वर्गों को साथ लेकर चला जाए।
BJP leaders on UGC rules: भाजपा में भी दिख रही असहमति
UGC के नए नियमों को लेकर अब यह साफ होने लगा है कि भाजपा के भीतर भी सभी नेता इनसे सहमत नहीं हैं। विधायक प्रतीक भूषण के बाद सांसद करण भूषण का बयान इस बात का संकेत है कि पार्टी के अंदर भी इस मुद्दे पर मंथन चल रहा है।
BJP leaders on UGC rules: आगे क्या बदलेगा?
करण भूषण के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उन्हें गलत तरीके से इस विवाद में घसीटा गया था। अब सवाल यह है कि क्या बढ़ते विरोध के बाद UGC अपने नियमों में बदलाव करेगा या नहीं। फिलहाल UGC विवाद शिक्षा से निकलकर राजनीति और समाज के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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