Jammu Kashmir Weather Alert: जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के बाद अब राहत के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही खतरे की घंटी भी बज गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट (Jammu Kashmir Weather Alert) जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।
India Meteorological Department (IMD) के श्रीनगर केंद्र ने जानकारी दी है कि दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक क्षेत्र को प्रभावित करेंगे, जिससे सामान्य जनजीवन, यातायात और पर्यटन पर असर पड़ सकता है।
दो पश्चिमी विक्षोभ करेंगे असर
मौसम विभाग के अनुसार, पहला पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के बीच सक्रिय रहेगा, जो काफी तीव्र होगा। इसका सबसे अधिक प्रभाव 23 जनवरी को देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरा पश्चिमी विक्षोभ मध्यम तीव्रता का होगा, जो 26 जनवरी की रात से 28 जनवरी की सुबह तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान 27 जनवरी को मौसम गतिविधियां चरम पर रहने की संभावना जताई गई है। इन दोनों सिस्टम्स के कारण पूरे जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश और भारी हिमपात का भी अनुमान है।
किन इलाकों में रहेगा ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर ऊंचाई वाले और पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। खासतौर पर पीर पंजाल रेंज, चिनाब घाटी और दक्षिण कश्मीर के मध्य से ऊंचे इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। प्रभावित जिलों और क्षेत्रों में शामिल हैं – अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, पीर की गली, गुलमर्ग, सोनमर्ग-जोजिला एक्सिस, बांदीपोरा-राजदान पास, कुपवाड़ा-साधना पास, डोडा, ऊधमपुर, रियासी, किश्तवाड़ और रामबन। इन इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
येलो अलर्ट जारी, रहें सतर्क

IMD ने खराब मौसम को देखते हुए कश्मीर संभाग में 22 से 24 जनवरी तक और जम्मू संभाग में 23 व 24 जनवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा
बर्फीले इलाकों में हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को ढलान वाले क्षेत्रों और एवलांच संभावित जोनों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। इसके अलावा, भारी बारिश के चलते कुछ स्थानों पर भूस्खलन (Landslide) और मिट्टी धंसने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
यातायात और हवाई सेवाओं पर असर संभव
खराब मौसम के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई ऊंचाई वाले मार्गों पर यातायात बाधित होने की आशंका है। इसके साथ ही हवाई सेवाओं पर भी अस्थायी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने यात्रियों, पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बेहद सावधानी से बनाएं और प्रशासन तथा ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें।
किसानों के लिए खास सलाह
IMD ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक, 22 से 28 जनवरी के बीच सिंचाई, उर्वरक छिड़काव और कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचें। खराब मौसम के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। आने वाले दिन जम्मू-कश्मीर के लिए मौसम (Jammu Kashmir Weather Alert) के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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