Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: प्रयागराज से बड़ी खबर सामने आई है। माघ मेला और मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती संगम स्नान से वंचित रह गए। विरोध स्वरूप उन्होंने धरना शुरू कर दिया और अन्न-जल का त्याग कर लिया। सोमवार को वे अपनी आगे की रणनीति और आंदोलन का खुलासा कर सकते हैं।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: संगम स्नान रोकने पर भड़का शंकराचार्य
मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य पालकी पर बैठकर संगम स्नान करने के लिए जा रहे थे, लेकिन माघ मेला क्षेत्र में भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उन्हें पैदल जाने के लिए कहा गया, लेकिन शंकराचार्य ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
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Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: संगम तट पर तीन घंटे का संघर्ष
संगम तट पर लगभग तीन घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। शंकराचार्य और उनके अनुयायी लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे। स्थिति शांत नहीं हुई और अंततः शंकराचार्य बिना स्नान किए वापस लौट गए। इसके बाद उन्होंने त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: अन्न-जल त्याग और मौन व्रत
सूर्यास्त के बाद शंकराचार्य ने मौन व्रत धारण कर लिया। उनका कहना है कि प्रशासन और पुलिस के रवैये के विरोध में उन्होंने अन्न-जल का त्याग किया है। उनके समर्थक भी उनके साथ धरने पर बैठे हैं और अन्न-जल का त्याग कर रहे हैं। सोमवार को शंकराचार्य अपनी अगली रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा का खुलासा कर सकते हैं।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: सुबह से दोपहर तक लगातार हंगामा
रविवार सुबह 9:47 बजे शंकराचार्य संगम नोज़ पर पहुंचे। पालकी में बैठकर वे संगम स्नान के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें बैरिकेडिंग के पास रोक दिया। उनके अनुयायी पैदल चलते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। कुछ समर्थकों को पुलिस ने संगम चौकी में खींच लिया। स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: शंकराचार्य ने अपनी बात रखी
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि वे पिछले 40 सालों से संगम स्नान कर रहे हैं। शंकराचार्य बनने के बाद पिछले तीन साल से वे पालकी में आते हैं। उनका कहना है कि पालकी से लोग दूर से ही दर्शन कर लेते हैं और भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें पैदल कर नीचा दिखाना चाहता है।
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Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: पुलिस कमिश्नर की सफाई
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि शंकराचार्य 200 समर्थकों के साथ संगम पर जाना चाहते थे। प्रशासन ने उन्हें कहा कि पालकी से उतरकर 20 लोग साथ लेकर स्नान करें। लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनके समर्थकों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। पुलिस ने यह भी बताया कि संत होने के कारण किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: प्रशासन और शंकराचार्य के बीच बहस
पालकी रोकने के बाद मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर ने शंकराचार्य को पैदल स्नान के लिए समझाने की कोशिश की। अनुयायियों और पुलिस के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई। डीएम मनीष कुमार वर्मा और मेलाधिकारी ऋषिराज मौके पर पहुंचे, लेकिन शंकराचार्य ने पैदल जाने से इंकार कर दिया। तनाव बढ़ते देख उन्होंने शिविर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest: समर्थकों का रिएक्शन
समर्थकों का कहना है कि शंकराचार्य का कदम सही है। ‘हम उनके साथ हैं और धरना जारी रखेंगे,’ उन्होंने कहा। प्रशासन ने अभी इस घटना का वीडियो देखा और आगे की कार्रवाई के लिए समीक्षा शुरू कर दी है।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Protest : अगला कदम और भविष्य
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह धरना और अन्न-जल का त्याग माघ मेला और मौनी अमावस्या की ऐतिहासिक महत्ता से जुड़ा हुआ है। सोमवार का खुलासा तय करेगा कि उनका अगला कदम क्या होगा और प्रशासन व जनता का प्रतिक्रिया कैसी रहेगी।
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