New Labour Code Bill 2026: केंद्र सरकार का नया लेबर कोड बिल अप्रैल से Uttar Pradesh में लागू होने की तैयारी में है। राज्य के श्रम विभाग ने केंद्र के बिल में कुछ मामूली बदलाव कर इसे विधि विभाग को भेज दिया है। बिल के लागू होने के बाद कंपनियों को कई नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह बिल न सिर्फ कर्मचारियों के हित में है, बल्कि उद्योग जगत में पारदर्शिता और नियमों का सही अनुपालन सुनिश्चित करेगा।
New labor code bill में कुल 29 सेंट्रल कोड को चार मुख्य कोड में समेट दिया गया है। इसे केंद्र सरकार ने बीते साल 21 नवंबर को लागू किया था। राज्यों में लागू करने के लिए सरकार ने 90 दिन का समय दिया था। इसके तहत उत्तर प्रदेश में चार कमेटियों का गठन किया गया, जिन्होंने रिपोर्ट सौंपने के बाद बिल को मामूली बदलावों के साथ विधि विभाग को भेजा। अब विधि विभाग से करेक्शन के बाद बिल का प्रकाशन किया जाएगा और 45 दिन तक आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद बिल का अंतिम रूप से पालन अनिवार्य हो जाएगा।
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New Labour Code Bill 2026: नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य
नए बिल में कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना हर कंपनी के लिए अनिवार्य होगा। चाहे कर्मचारी स्थाई, अस्थायी, संविदा, दिहाड़ी या आउटसोर्सिंग पर काम कर रहा हो, उसे नियुक्ति पत्र प्रदान करना होगा। नियुक्ति पत्र में सेवा शर्तों, वेतन और अन्य लाभों की जानकारी लिखी जाएगी। इसके अलावा, ग्रेच्युटी के लिए फिक्स टर्म इंप्लॉयमेंट का प्रावधान किया गया है। यानी कर्मचारी जितने दिन काम करेगा, उतने दिन की ग्रेच्युटी उसे मिलेगी। इसके साथ ही कर्मचारी को ईपीएफ और ईएसआई का लाभ हर हाल में मिलेगा।
New Labour Code Bill 2026: 50 प्रतिशत बेसिक पे अनिवार्य
कंपनियां अक्सर ईपीएफ में हिस्सेदारी कम रखने के लिए कर्मचारियों का बेसिक पे कम रखती थीं। नए लेबर कोड बिल में कुल सैलरी का कम से कम 50 प्रतिशत बेसिक पे रखने की बाध्यता कर दी गई है। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बेसिक पे बढ़ने से किसी कर्मचारी की इन हैंड सैलरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, 40 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों का हेल्थ चेकअप हर साल कराना भी कंपनी के लिए अनिवार्य होगा।
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New Labour Code Bill 2026: एक ही लाइसेंस से पूरे देश में उत्पादन
पहले अलग-अलग राज्यों में फैक्ट्री खोलने के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना पड़ता था। नए बिल में देशभर में केवल एक ही लाइसेंस से उद्यम खोलने की व्यवस्था की गई है। उद्यमी को नए उद्यम के लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के पोर्टल पर अप्लाई करना होगा। इससे उद्योग जगत में लाइसेंसिंग प्रक्रिया सरल और समय की बचत होगी।
New Labour Code Bill 2026: इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर बनेंगे फैसिलिटेटर
नए बिल के लागू होने के बाद उद्योग जगत इंस्पेक्टर राज से मुक्त होगा। पुराने लेबर इंफोर्समेंट इंस्पेक्टर का नाम बदलकर ‘फैसिलिटेटर’ कर दिया गया है। फैसिलिटेटर अब किसी उद्योग पर मुकदमा दर्ज नहीं कर सकेंगे। केवल समझौता शुल्क (कंपाउंड फी) लगाने की सीमित शक्तियां दी जाएंगी। यदि कोई कंपनी बार-बार नियमों का उल्लंघन करती है, तब ही एफआईआर का प्रावधान लागू होगा। इससे उद्योगों पर अनुचित दबाव और शोषण की समस्या समाप्त होगी।
New Labour Code Bill 2026: 78 रजिस्टर की जगह 8 रजिस्टर
नए लेबर कोड बिल में रिपोर्ट फाइलिंग के लिए फैक्ट्री, व्यापार और ट्रेड यूनियनों को अब केवल 8 रजिस्टर पर जानकारी दर्ज करनी होगी। पहले यह संख्या 78 रजिस्टर थी। नए बिल में यूनीफाइड सिंगल रिटर्न की व्यवस्था है, जिससे रिपोर्टिंग प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी।
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New Labour Code Bill 2026: बिल के लागू होने का पूरा प्रोसेस
श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चार लेबर कोड बिल अप्रैल से लागू होंगे। राज्य के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जा चुके हैं। विधि विभाग से करेक्शन के बाद बिल का प्रकाशन होगा। इसके बाद 45 दिन तक आपत्तियां मांगी जाएंगी। सभी आपत्तियों को सुधारकर बिल को अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
नए बिल का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और उद्योगों के संचालन को सरल बनाना है। नियुक्ति पत्र, बेसिक पे का नियम, स्वास्थ्य जांच और यूनिफाइड लाइसेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं से कर्मचारियों को सुरक्षा और उद्योगों को पारदर्शिता मिलेगी। इसे लागू करने के बाद राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर श्रम कानूनों का सही पालन सुनिश्चित होगा।
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