Haryana Police Weekly Off: हरियाणा में करीब 90,000 पुलिस कर्मचारी लंबे समय से साप्ताहिक अवकाश (Haryana Police Weekly Off) की सुविधा से वंचित हैं। इसके कारण न केवल उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि वे मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई बार राज्य सरकार ने साप्ताहिक अवकाश देने की घोषणाएं की हैं, लेकिन इन्हें धरातल पर लागू नहीं किया जा सका।
आज पुलिसकर्मी अवकाश के लिए अपने थाने के प्रभारी पर निर्भर हैं। यह पूरी तरह प्रभारी की मर्जी पर निर्भर करता है कि किसे अवकाश दिया जाए और किसे दिन-रात ड्यूटी करनी पड़े। इससे पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, और वे थाने के प्रभारी को खुश रखने के लिए अधिक समय तक काम करते हैं।
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Haryana Police Weekly Off: न्यायिक निर्देश और घोषणाओं का अनुपालन न होना
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने कई बार राज्य सरकारों को पुलिस कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बावजूद सरकारें इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं कर सकीं।
मनोहर लाल के मुख्यमंत्री काल में, 1 मई 2016 को पुलिस कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश लागू करने की घोषणा हुई थी। उसी वर्ष 1 अक्टूबर को विधानसभा ने 24 घंटे की ड्यूटी को तीन शिफ्टों में बांटने और साप्ताहिक अवकाश देने का प्रस्ताव पारित किया। लेकिन यह प्रस्ताव भी पुलिस विभाग में लागू नहीं हो पाया।
25 अगस्त 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को आठ घंटे की शिफ्ट और साप्ताहिक अवकाश लागू करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Haryana Police Weekly Off: हालिया प्रयास और स्थिति
एक अक्टूबर 2023 को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिया कि वे थाना स्तर पर पुलिस कर्मचारियों के अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करें। हालांकि, यह आदेश कहीं आंशिक रूप से लागू हुआ तो कहीं थाना प्रभारियों की मर्जी के अनुसार लागू किया गया।
आज हरियाणा में पुलिसकर्मी लगातार दिन-रात ड्यूटी करते हुए बिना साप्ताहिक अवकाश के रिटायर हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप उनमें तनाव, बीमारियां और पारिवारिक जीवन में असंतुलन बढ़ रहा है।
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Haryana Police Weekly Off: नयी सरकार और नई उम्मीद
मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था को दृढ़ता से लागू करने का संकल्प लिया है। नए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है। पुलिसकर्मी अब मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक की नई व्यवस्था पर भरोसा लगाए हुए हैं।
Haryana Police Weekly Off: अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पुष्टि
“कमन काज और सेंटर फर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटी” द्वारा 2019 में जारी State of Policing in India रिपोर्ट में 21 राज्यों के 11,864 पुलिस कर्मियों का सर्वे किया गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पुलिसकर्मी व्यक्तिगत जीवन का बलिदान देते हुए सामान्य संसाधनों के साथ अधिक घंटे काम कर रहे हैं।
हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में पुलिसकर्मी 18 से 24 घंटे की ड्यूटी करते हैं। 90 प्रतिशत पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता। पूरे देश में औसतन पुलिसकर्मी 14 घंटे तक काम करते हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य और मनोबल पर गंभीर असर पड़ता है।
मानवता और सम्मान के दृष्टिकोण से सुधार आवश्यक
पुलिसकर्मी भी समाज का हिस्सा हैं। उनका भी पारिवारिक जीवन और व्यक्तिगत समय है। सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी करने के साथ-साथ स्वास्थ्य, मानसिक शांति और परिवार के साथ समय बिताने में सक्षम हों। साप्ताहिक अवकाश केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय आवश्यकता भी है।
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