Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की बहुचर्चित Ankita Bhandari Case को लेकर सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस ने प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को तेज कर दिया है। रुद्रप्रयाग में आयोजित “न्याय बचाओ यात्रा” के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस Caseमें शामिल एक प्रभावशाली वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए भी खतरनाक है।
सीबीआई जांच तक जारी रहेगा आंदोलन- गणेश गोदियाल
पत्रकार वार्ता में गणेश गोदियाल ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक Ankita Bhandari Case की निष्पक्ष सीबीआई जांच नहीं होती और कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी दल विशेष की नहीं, बल्कि एक बेटी को न्याय दिलाने और प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
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गोडियाल ने कहा कि सरकार अगर खुद को निर्दोष मानती है तो उसे सीबीआई जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। लेकिन बार-बार जांच से बचने की कोशिश यह संकेत देती है कि कहीं न कहीं कुछ छिपाया जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर कांग्रेस का बड़ा सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हुई है और राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर होती नजर आ रही है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि आज हालात ऐसे बन गए हैं कि महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई लड़ रही है, लेकिन इसके जवाब में भाजपा सरकार और उसके समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पुतला दहन कर रहे हैं। गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि पुतला जलाने से सच्चाई नहीं बदली जा सकती।
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दोषियों पर कार्रवाई की बजाय राजनीति का आरोप
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को राजनीतिक रंग देने में जुटी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में न्याय के पक्ष में है, तो उसे यह बताना चाहिए कि अब तक इस केस में किन-किन लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और इस तरह की राजनीति का जवाब समय आने पर भाजपा को जनता देगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले का आगामी चुनावों से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस ने जिस दिन यह घटना हुई, उसी दिन से न्याय की मांग शुरू कर दी थी।
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भाजपा के भीतर भी उठने लगे सवाल
कांग्रेस का दावा है कि मौजूदा हालात भाजपा सरकार के लिए असहज होते जा रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि भाजपा के कुछ पदाधिकारी भी सरकार की भूमिका से असंतुष्ट हैं और पार्टी से इस्तीफा देकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति खुद सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
ऑडियो विवाद से बढ़ा राजनीतिक भूचाल
इस पूरे मामले को तब और तूल मिला, जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी और एक्ट्रेस उर्मिला सनावर का एक ऑडियो सामने आया। इस रिकॉर्डिंग में Ankita Bhandari Case से जुड़े एक कथित वीआईपी और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है। ऑडियो के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार से जवाब मांग रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
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जनता और संगठनों में आक्रोश
ऑडियो विवाद के बाद उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आम जनता, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो सीबीआई जांच में देरी क्यों की जा रही है। कई संगठनों ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाना चाहिए। जनता का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
न्याय की मांग और आगे की रणनीति
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पार्टी का कहना है कि Ankita Bhandari Case को न्याय दिलाना ही इस आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह लड़ाई केवल एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ी है।
कुल मिलाकर, Ankita Bhandari Case एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है। सीबीआई जांच की मांग, सरकार पर आरोप और जनता का बढ़ता आक्रोश आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत को और गर्मा सकता है।



