Reliance Industries valuation: US–Venezuela Tension की सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। इसी घटनाक्रम का प्रभाव सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी साफ नजर आया, जब तेल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इस उछाल की अगुवाई देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने की, जिसने कुछ ही मिनटों में नया रिकॉर्ड बना दिया।
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Reliance Industries valuation में तेज उछाल
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन बाजार खुलते ही Reliance Industries valuation में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 1611.20 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका अब तक का नया 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक मजबूत बैलेंस शीट और विविध कारोबार वाली कंपनियों को सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जिससे रिलायंस को फायदा मिला।
सुबह के कारोबार में शेयर करीब 1598 रुपये के आसपास स्थिर होता नजर आया। उल्लेखनीय है कि Reliance Industries valuation ने पिछले एक वर्ष में करीब 27 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जिससे यह निवेशकों के भरोसेमंद स्टॉक्स में शामिल हो गया है।
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10 मिनट में ₹25 हजार करोड़ से Reliance Industries valuation
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई इस तेजी का असर कंपनी की कुल बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। महज 10 मिनट के भीतर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹25 हजार करोड़ से ज्यादा बढ़ गया। पिछले कारोबारी सत्र के अंत में रिलायंस की वैल्यूएशन लगभग ₹21.55 लाख करोड़ थी, जो सोमवार को बढ़कर ₹21.80 लाख करोड़ के करीब पहुंच गई। यह बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार में हालिया समय की सबसे तेज वैल्यूएशन जंप में से एक मानी जा रही है।
वेनेजुएला संकट से क्यों बढ़ी तेल कंपनियों की चमक
विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है। वहां किसी भी तरह की सैन्य या राजनीतिक अस्थिरता का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है। जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी की संभावना बनती है, तो रिफाइनिंग और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसी कारण भारतीय तेल कंपनियों में भी मजबूती देखने को मिली।
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सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी
Reliance Industries valuation के साथ-साथ सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों ने भी बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया। ओएनजीसी के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं ऑयल इंडिया के शेयरों में हल्की लेकिन स्थिर तेजी देखने को मिली। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के शेयरों में भी 1 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर करीब 2.5 प्रतिशत तक मजबूत हुए।
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ओएनजीसी को डिविडेंड वसूली से मिल सकती है राहत
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में परियोजनाओं में हिस्सेदारी रखने वाली ओएनजीसी को इस घटनाक्रम से अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। अनुमान है कि कंपनी को वहां से 500 मिलियन डॉलर से अधिक के बकाया डिविडेंड की वसूली हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह ओएनजीसी की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।
निवेशकों को बरतनी होगी सतर्कता
हालांकि बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को उत्साहित किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के चलते आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हालात कैसे आगे बढ़ते हैं और कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं, इस पर बाजार की चाल निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में ऊर्जा और तेल क्षेत्र की कंपनियों को मजबूती मिली है, और इस रैली में Reliance Industries valuation सबसे आगे दिखाई दे रही है।



