Ghaziabad News : गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भेजते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक ने दावा किया कि रामकथा के आयोजन के दौरान पुलिस ने दंगा भड़काने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि 3 मुस्लिम युवकों को कलश यात्रा पर पथराव करने के लिए कहा गया था, ताकि दंगा भड़े और पुलिस को गोली चलाने का मौका मिले। यह जानकारी खुद उन युवकों ने दी है, जिनका नाम विधायक ने उजागर किया।
Ghaziabad News : विधायक और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
20 मार्च को रामकथा के कलश यात्रा के दौरान नंद किशोर गुर्जर और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई थी, जिसमें विधायक के कपड़े भी फट गए थे। इस घटना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने विधायक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विधायक ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लखनऊ के एक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी थी कि पुलिस कलश यात्रा पर लाठीचार्ज करेगी, और यात्रा को रोकने के लिए इसका आयोजन अवैध बताया जाएगा।
Ghaziabad News : भ्रष्ट अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे
नंद किशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, और इस कारण कुछ भ्रष्ट अधिकारी उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यूपी में रामकथा का आयोजन करना अपराध है? विधायक ने कहा कि उन्होंने हमेशा राम नाम से हिंदू समाज को जागृत किया है और वह 1989 से संघ के सदस्य रहे हैं। विधायक ने लिखा कि वह भाजपा के अनुशासित सदस्य हैं और पार्टी उनके लिए प्राणों के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि रामकथा का आयोजन 2010 से हो रहा है, और उन्हें अब तक किसी सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ी। 20 मार्च को यात्रा के दौरान महिलाओं और श्रद्धालुओं को पुलिस ने लाठीचार्ज कर अपमानित किया, जिसके कारण 12 से अधिक लोग घायल हो गए। विधायक ने खुद रामचरितमानस को बचाया, जबकि महिलाओं के कलश टूट गए और उनके कपड़े फट गए।
विधायक ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि वह संगठन के मुखिया के रूप में संगठन से आग्रह करते हैं कि रामकथा के आयोजन में रुकावट डालने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रामकथा का आयोजन योगी सरकार में अपराध समझा जाता है, तो उन्हें निर्देश देने की कृपा की जाए ताकि वह भविष्य में इस आयोजन पर पुनर्विचार कर सकें। विधायक ने यह भी कहा कि वह जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर इस मामले के सारे साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे और कुछ अधिकारियों और नेताओं द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को हराने की साजिश का भी खुलासा करेंगे।
