Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश पुलिस खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई करती दिख रही है। लेकिन न जाने क्यों फिर भी खनन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे है। ताजा मामला कानपुर जिले का है, जहां खनन माफियाओं ने दारोगा की हत्या का प्रयास किया और मामूली सी बात पर दारोगा की पिटाई कर दी। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि खुद पीड़ित दारोगा को मुकदमा दर्ज कराने में दो दिन लग गए क्योंकि आरोपी खनन माफिया थे। मामले में पुलिस का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Uttar Pradesh News : अब पढ़े पूरा मामला
दरअसल, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट(एलआईयू ) में तैनात दारोगा गौरव अत्री कानपुर के नवाबगंज स्थित केडीए सिग्नेचर ग्रीन अपार्टमेंट में रहते है। गौरव अपने रिश्तेदार सुधीर सिंह के साथ कार से अपार्टमेंट आए। इस दौरान एक फॉरच्यूनर गाड़ी पीछे से आई और रास्ता ना मिलने की मामूली बात पर बहस शुरु कर दी। गाड़ी से उतरे चार-पांच लोगों ने पहले दारोगा से गाली गलौज की फिर फोन करके अपने अन्य साथी बुला लिए और दारोगा का गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। आरोप है कि जब दारोगा के रिश्तेदार ने आरोपियों से बोला कि जिसको तुम मार रहे हो वह दारोगा है तो आरोपियों ने कहा फिर तो इसको जान से मार दो अगर यह बच गया तो हमको छोड़ेगा नहीं।
Uttar Pradesh News : दारोगा पर समझौते का दबाव
मामले की शिकायत के लिए पीड़ित दारोगा नवाबगंज थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी तो वहां पुलिसकर्मी गौरव अत्री को मुकदमा दर्ज करने की जगह उन पर समझौते का दबाव बनाने लगी। यहां तक कि दबाव बनाने के लिए उनका शराब का मेडिकल टेस्ट भी करवाया। गौरव अत्री का मुकदमा जब नहीं लिखा गया तो वो आलाधिकारियों से मिले जिनके हस्तक्षेप के बाद शोभित दीक्षित, आर्यन श्रीवास्तव, अनुराग तिवारी, प्रखर समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए।



