Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में चल रहे महाकुंभ मेले में मची भगदड़ के बाद से ही योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का आरोप है कि योगी सरकार हादसे में मारे जाने वालों श्रद्धालुओं का आकड़ा छिपा रही है। इस बीच गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने महाकुंभ मेला में हुई भगदड़ मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह सिर्फ श्रद्धालुओं की मौत नहीं, बल्कि हत्या थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे मुख्य सचिव और उनके सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज करें, क्योंकि वे महाकुंभ के बजट का लूटने के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जेल भेजा जाना चाहिए।
Mahakumbh 2025 : समाजवादी पार्टी के प्रभाव में काम कर अधिकारी
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया और कहा कि ‘मैं सीएम योगी आदित्यनाथ से आग्रह करता हूं कि महाकुंभ के बजट को लूटने के लिए मुख्य सचिव और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। वे (महाकुंभ में) तीर्थयात्रियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें एनएसए के तहत जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी समाजवादी पार्टी के प्रभाव में काम कर रहे हैं। बताते चले कि विधायक गुर्जर का ये बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने महाकुंभ में किसी साजिश के तहत सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की बात की थी।
Mahakumbh 2025 : 30 श्रद्धालुओं की मौत
गौरतलब है कि 29 जनवरी को महाकुंभ मेला में हुई भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई थी जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। गुर्जर ने आरोप लगाया कि अधिकारी वीआईपी परिवारों को प्राथमिकता दे रहे थे, जबकि आम श्रद्धालु परेशान थे। उधर, मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायधीश हर्ष कुमार करेंगे। इस आयोग में पूर्व पुलिस महानिदेशक वीके गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डीके सिंह भी शामिल हैं।



