"कृष्ण जन्माष्टमी 2025" का शुभ पर्व आ गया है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो मथुरा में कारागार में हुआ था।

असुरों के अंत और धर्म की स्थापना के लिए श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। वासुदेव-देवकी ने कारागार में भगवान को जन्म दिया, और गोकुल में उनका पालन-पोषण हुआ।

बाल गोपाल की माखन चुराने की लीलाएँ वृंदावन के हर घर में प्रसिद्ध थीं। यह उनकी निश्छलता और प्रेम का प्रतीक है।

वृंदावन की रास लीला में भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों का दिव्य नृत्य प्रेम और भक्ति का अद्वितीय संगम है।

कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी प्रतियोगिता और झाँकी सजाना भक्तों का प्रिय कार्य है। मंदिरों और घरों में झूला झूलते कान्हा का दर्शन होता है।

श्रीकृष्ण ने गीता में कहा – "जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा अच्छा होगा।"